चंदन को शहीद का दर्जा देने की मांग की परिजनों ने, कासगंज के नए एसपी बने पीयूष

लखनऊ : यूपी के कासगंज में हुई हिंसा के दौरान जान गंवाने वाले चंदन के घर पहुंचे डीएम आरपी सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारियों को काफी गुस्से और विरोध का सामना करना पड़ा। गुस्साए परिजनों सहित स्थानीय निवासियों ने राज्य सरकार से अपने बेटे को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग की है। यहां तक कि शुरुआत में परिजनों ने 20 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक भी लेने से इनकार कर दिया। दूसरी तरफ मामले को तूल पकड़ता देखकर योगी सरकार ने जिले के एसपी सुनील कुमार को हटाकर वहां नए एसपी पीयूष श्रीवास्तव की तैनाती के आदेश जारी कर दिए हैं.

दरअसल गणतंत्र दिवस के दिन कासगंज में शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा में चंदन की मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे जिले में हिंसा की आग फैल गई थी। जगह-जगह आगजनी और पथराव की घटनाएं सामने आईं। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने चंदन के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजे देने का ऐलान किया था। इसके बाद सोमवार को डीएम आरपी सिंह मृतक के परिजनों से मिलने उनके आवास पहुंचे, जहां उनका भारी विरोध हुआ। डीएम ने परिजनों ने 20 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक भी सौंपा जिसे लेने से उन्होंने शुरुआत में इनकार कर दिया।

परिजनों सहित निवासियों की मांग थी कि चंदन को शहीद का दर्जा दिया जाए और सीएम योगी आदित्यनाथ खुद वहां पहुंचें। हालांकि बाद में समझाने पर चंदन के पैरेंट्स मान गए और उन्होंने चेक स्वीकार कर लिया। गौरतलब है कि हिंसा की आग में तीन दिनों तक झुलसने के बाद यूपी के कासगंज में जिंदगी पटरी पर लौटती दिख रही है। सोमवार को सड़कों पर पुलिस की गश्त के बीच चहल-पहल दिखी। हालांकि, सड़कों पर आम दिनों के मुकाबले कम ही लोग दिखे। इन लोगों के चेहरों पर दर्द और शिकन साफ झलक रहा था।

वैसे तो रविवार दोपहर को ही यहां बाजार खुल गए थे और आम लोगों ने खरीदारी भी की। इसके बावजूद इस हिंसा के शिकार लोगों की कई शिकायतें उनकी बातों में साफ झलक रही थी। इन लोगों का कहना था कि यहां धीर-धीरे लोगों में विश्वास लौट रहा है, लेकिन प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस तरह का बवाल फिर से ना हो।

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