बार-बार हिदायत के बाद भी पूरा नहीं हुआ काम, मंत्री सुरेश खन्ना ने जलनिगम के एक्सईएन, एई और जेई को किया सस्पेंड

लखनऊ ट्रिब्यून ब्यूरो: उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक नगरी वाराणसी में लगभग सवा पांच करोड़ की लागत से बनी पेयजल परियोजना के आठ साल बाद भी जनोपयोगी न बन पाने के मामले में नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने सख्त रुख अपनाते हुए निगम के एक्सईएन एके सिंह समेत तीन और अभियंताओं को निलंबित कर दिया. साथ ही, सेवानिवृत्त हो चुके मुख्य अभियंता आरके द्विवेदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया.

आपको बता दें कि पिछली समीक्षा बैठक के दौरान इसी मामले में मंत्री सुरेश खन्ना ने एक्सईएन सुरेंद्र कुमार को निलंबित किया था. गौरतलब है कि साल 2009-10 में जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) के तहत 518 करोड़ की लागत से 694 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाए जाने और 42 ओवरहेड टैंकों के निर्माण की शुरुआत हुई थी. वर्ष 2012 में यह पेयजल योजना पूरी होनी थी लेकिन अब तक काम आधा-अधूरा पड़ा है. मानक और गुणवत्ता की अनदेखी के चलते बिछाई गई पाइप लाइन और बनाए गए ओवरहेड टैंक टेस्टिंग में फेल हो जा रहे हैं.

पिछले दौरे में मुख्यमंत्री ने खुद इसकी समीक्षा की थी और निर्देश दिया था कि जिन अभियंताओं की निगरानी में यह पाइप लाइन बिछाई गई और ओवरहेड टैंक बनाए गए, उन्हें वाराणसी से संबद्ध किया जाए और उनकी जिम्मेदारियां तय करते हुए जहां जो भी गड़बड़ियां हैं उन्हीं से दुरुस्त कराया जाए. बावजूद इसके काम में तेजी न लाए जाने और गड़बड़ियों को दुरुस्त कराने में शिथिलता पर नगर विकास मंत्री ने तीन और अभियंताओं को निलंबित करने का निर्देश दिया है.

इसके अलावा सिस वरुणा क्षेत्र में डाली गयी पेयजल पाइप लाइन की गुणवत्ता खराब तथा कार्य को कई ठेकेदारों के माध्यम से कराने की वजह से अधिक गैप होने पर जलनिगम के तत्कालीन एवं सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता आरके द्विवेदी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है।

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