राफेल फाइटर जेट के आने से पहले कड़ी सुरक्षा, अंबाला एयरबेस के आसपास धारा 144

अंबाला (हरियाणा): फ्रांस से पांच राफेल लड़ाकू विमानों के आने के पहले मंगलवार (28 जुलाई) को अंबाला वायु सेना केंद्र के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई और निषेधाज्ञा लागू की गई है। वहां वीडयोग्राफी और फोटो खींचने पर रोक लगा दी गई। एक अधिकारी ने बताया कि अंबाला जिला प्रशासन ने वायुसेना केंद्र के तीन किलोमीटर के दायरे में लोगों के ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

उपायुक्त अशोक शर्मा ने एक आदेश में कहा कि धुलकोट, बलदेव नगर, गरनाला और पंजखोड़ा समेत वायु सेना के आसपास के गांवों में धारा 144 लगा दी गई है जिसके तहत चार या अधिक लोगों के जमा होने पर प्रतिबंध है। वायुसेना के एक अधिकारी के मुताबिक लड़ाकू विमानों ने सोमवार (27 जुलाई) को उड़ान भरी थी और बुधवार (29 जुलाई) को यह वायु सेना केंद्र पर पहुंचेगा। इस खेप में एक सीट वाले तीन लड़ाकू विमान और दो सीटों वाले दो विमान हैं।

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अंबाला के उपायुक्त ने कहा कि निषेधाज्ञा लागू रहने के दौरान वायु सेना केंद्र की चहारदीवारी और आसपास के इलाके का वीडियो बनाने और तस्वीरें लेना प्रतिबंधित है। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि अंबाला पुलिस ने आवश्यक कदम उठाए हैं। अंबाला शहर के भाजपा विधायक असीम गोयल ने राफेल विमानों के स्वागत के लिए लोगों को बुधवार (29 जुलाई) को अपने घरों में शाम सात-साढ़े सात बजे के बीच मोमबत्ती जलाने को कहा है।

वायुसेना के बेड़े में राफेल के शामिल होने से उसकी युद्ध क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होने की उम्मीद है। भारत को यह लड़ाकू विमान ऐसे समय में मिल रहे हैं, जब उसका पूर्वी लद्दाख में सीमा के मुद्दे पर चीन के साथ गतिरोध चल रहा है। भारतीय वायुसेना पहले ही वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगे अपने अहम हवाई ठिकानों पर अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों को तैनात कर चुकी है।

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