भतीजे अखिलेश से तंग चाचा शिवपाल ने ठोंकी ताल, बोले- नई पार्टी बनाएंगे

लखनऊ : देश के सबसे बड़े राजनीतिक मुलायम सिंह यादव के घराने में छिड़ा चाचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश के बीच राजनीतिक विवाद अब सुलझने का नाम नहीं ले रहा है. जिसके चलते पूर्व कैबिनेट मंत्री व जसवंतनगर विधायक शिवपाल सिंह यादव ने अब खुलेआम ये ऐलान कर दिया है कि वह अब आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे. दरअसल लंबे समय से राजनीति में उथल-पुथल पड़े शिवपाल सिंह ने अब यह बात साफ कर दी है कि उन्हें क्या करना है. इस बात का ऐलान वह फ़रवरी महीने में करेंगे.

इसके साथ ही उन्होंने लंबे समय से उड़ रही चर्चाओं पर विराम लगते हुए यह बात भी साफ कर दी है कि अगर मुलायम सिंह यादव ने साथ दिया तो वह समाजवादी लोकदल के नाम से नई पार्टी का गठन करेंगे. नहीं तो वह कांग्रेस में भी शामिल हो सकते हैं.गौरतलब है कि पिछले कई सालों से मुलायम के घर में सुलग रही चाचा-भतीजे के बीच राजनीतिक चिंगारी बीच-बीच में आग का रूप लेती रही है, जिसको कई बार बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग बुझने की बजाय सुलगती रहती है.

इसी का नतीजा है कि यूपी के विधानसभा चुनाव के दौरान अखिलेश ने राहुल गाँधी के साथ हाथ से हाथ मिलाया था. हालांकि उन्हें पराजय का सामना चुनाव में करना पड़ा था. लेकिन अब अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल ने यह बात साफ कर दी है कि वह कांग्रेस से हाथ मिलाने की बजाय मुलायम के न साथ देने पर कांग्रेस पार्टी में ही शामिल हो जायेंगे.

आपको बता दें शिवपाल मंगलवार को सुबह जिला जेल का निरीक्षण करने पहुंचे थे. उन्होंने जहां निरीक्षण कर जेल की व्यवस्थाएं देखीं. जेल में बंद कुछ अपने लोगों से मुलाकात भी की. लगभग एक घंटे तक उन्होंने जेल का निरीक्षण किया. जेल परिसर से निकलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह अपने लोगों के साथ विचार विमर्श कर रहे हैं कि आगे उन्हें क्या करना है. फरवरी में वह अपना नया भविष्य तैयार करेंगे और अपनी ताकत का भी अहसास कराएंगे. उन्होंने कहा कि अब ज्यादा इंतजार करना उनके वश में नहीं है. इतने दिनों में उन्होंने अपने व पराय को बहुत अच्छे ढंग से समझ लिया है.

समाजवादी पार्टी को उन्होंने जितना समय देना था वह दे दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि भले ही नेता जी उनके साथ न आए पर उनका आशीर्वाद सदैव उनके साथ रहेगा. उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने समाजवादी लोकदल के नाम से नई पार्टी बनाई तो सभी समाजवादियों को एकजुट किया जाएगा. इसके अलावा वह कांग्रेस में भी शामिल हो सकते हैं. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर व कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी उनकी बातचीत चल रही है. कुल मिलाकर फरवरी में वह अपना नया राजनैतिक भविष्य तय कर लेंगे. जेल के निरीक्षण के समय पूर्व विधायक रघुराज सिंह शाक्य भी मौजूद रहे.

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