जाम से जूझ रहे गोरखपुर में क्या जीडीए चलाये का बुलडोजर ?

गोरखपुर। सीएम योगी आदित्यनाथ के गृहजनपद गोरखपुर में बिल्डरों की बल्ले-बल्ले हो गयी है । इसी का नतीजा है कि शहर में हो रहे अवैध निर्माणों पर लगाम कसने से जीडीए के अफसर भी कतरा रहे हैं। आलम यह है कि शहर में अवैध निर्माणों की बाढ़ आ गयी है। गौरतलब है कि कई बहुमंजिले ईमारत बिना मानचित्र स्वीकृत कराये निर्माण कराई जा रही हैं। बावजूद इसके जीडीए के आरबीओ विभाग में तैनात अभियंता चुप्पी साधे हुए हैं। जिसके चलते अब जीडीए के अभियंताओं के खिलाफ
आवाज उठने लगी है।

यहां तैनात कर्मियों की मिली भगत से शहर के व्यस्ततम इलाके रेती रोड़, कोतवाली रोड़ और नख्खास पुलिस चौकी तथा घण्टाघर समेत शहर के लगभग हर हिस्से में अवैध व मानक के विपरीत व्यवसायिक निर्माण धड़ल्ले से हो रहा है। मानक के विपरीत निर्माण की बात तो छोड़िए इन इलाकों में कई निर्माण तो बिना मानचित्र स्वीकृत कराये ही किये जा रहे हैं।

इससे एक ओर सरकार को राजस्व की हानि हो रही है, तो वही इन अवैध निर्माणों से शहर में जाम की समस्या दिन प्रतिदिन भयावाह होती जा रही है। घोषकम्पनी से घंटाघर तक के जाम में अक्सर मरीजों को ले जा रही एम्बुलेंस देखी जा सकती है। इन इलाकों में हो रहे निर्माणों में सबसे महत्वपूर्ण सेटबैक और पार्किंग छोड़ी ही नहीं गयी हैं । यही नहीं इस जगह पर दुकानें निर्माण करा दी गयी हैं।

इस सब के खिलाफ विगत दिनों टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व गोरखपुर इन्वायरमेंटल के कोषाध्यक्ष एजाज रिजवी एडवोकेट ने मुख्यमंत्री के सम्मुख ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। इसी तरह कोतवाली इलाके में नख्खास पुलिस चौकी के बगल में व्यवसायिक निर्माण जोरो से चल रहा है, जिसके खिलाफ स्थानीय निवासी व वरिष्ठ समाजसेवी शिव कुमार गुप्ता ने जीडीए उपाध्यक्ष से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

इसलिए उन्होंने अब इन अवैध निर्माणों को रोके जाने की मांग मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से की है। शिव कुमार गुप्ता ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को दिए अपने प्रार्थना पत्र में कहा है कि कोतवाली अंतर्गत नख्खास पुलिस चौकी के समीप जो निर्माण किया जा रहा है।वह मानक के विपरीत होने के साथ ही साथ इस निर्माण से आने वाले दिनों में जाम की समस्या बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जीडीए और बिल्डर की मिलीभगत से सरकारी राजस्व की हानि हो रही है।

बताते चलें कि पिछले वर्ष पूरे शहर में निर्माण को लेकर जीडीए के आरबीओ विभाग ने 800 से ज्यादा नोटिस जारी की थीं। दिसंबर 2017 में जीडीए द्वारा राजघाट थाना व कोतवाली थाना इलाकों को मिलाकर केवल 11 नोटिस जारी की गई थी। सबसे बड़ी बात यह है कि घोषकंपनी से लेकर रेती चौक और नख्खास चौक का जो त्रिकोणीय इलाका है ये पूरी तरह से व्यवसायिक है और इन व्यवसायिक इलाकों में जीडीए ने आज तक निर्माण करा रहे लोगों को कोई नोटिस जारी नहीं किया। जबकि सबसे ज्यादा अवैध निर्माण इसी क्षेत्र में हो रहे हैं । बहरहाल सवाल इस बात का है कि इन नोटिसों को भेजने के बाद क्या जीडीए का बुलडोजर इन अवैध निर्माणों को ध्वस्त भी करेगा या नहीं

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