पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में क्या होंगे समीकरण, देखिये तहकीकात

द लखनऊ ट्रिब्यून ब्यूरो : चुनाव आयोग ने 18 जनवरी को पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय में चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। इसी के साथ चुनाव आचार संहिता भी लागू हो गई है। त्रिपुरा में 18 फरवरी को वोट डाले जाएंगे, जबकि मेघालय और नगालैंड में 27 फरवरी को मतदान होगा। तीनों राज्यों के नतीजे एक साथ 3 मार्च को आएंगे। इन राज्यों में पहली बार वीवीपैट (वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल) का इस्तेमाल होगा।

पूर्वोत्तर के इन तीन राज्यों में भाजपा अपना आधार मजबूत करने की जुगत में है, वहीं कांग्रेस नगालैंड में एनपीएफ से काफी पीछे हो चुकी है। पिछले दो चुनाव में एनपीएफ ने कांग्रेस को हाशिए पर रखने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। मेघालय में भी हालात पार्टी के पक्ष में होते नहीं दिखाई दे रहे हैं। त्रिपुरा माकपा का अभेद्य किला बन चुका है, जिसे भेद पाना कांग्रेस और भाजपा के लिए खासा मुश्किल दिखाई दे रहा है। ऐसे में इन तीन राज्यों की जंग क्षेत्रीय और मुख्य पार्टियों के बीच जोरदार रहने वाली है।

भाजपा के लिए कड़ी परीक्षा
देश की राजनीति के लिए 2०17 की शुरुआत जहां भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के लिए राजनीति में अपना दबदबा कायम करने के लिहाज से अहम थी, तो वहीं साल का अंत (गुजरात चुनाव) उन्हें अपनी रणनीति पर दोबारा से सोचने के लिए मजबूर कर गया। वर्ष 2०18 में चुनावों का आगाज फरवरी माह से हो रहा है, जहां पूर्वोत्तर के तीन राज्यों की 18० विधानसभा सीटें दांव पर हैं।

अलग-अलग दलों की सरकार
पूर्वोत्तर के इन तीनों राज्यों में अलग-अलग दलों की सरकारें हैं। त्रिपुरा में जहां सत्ता पर पिछले 2० सालों से माणिक सरकार के नेतृत्व वाली मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का कब्जा है, तो नगालैंड में नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के नेतृत्व वाले नगालैंड के लोकतांत्रिक गठबंधन को सत्ता हासिल है। इसके अलावा मेघालय की कमान कांग्रेस के मुकुल संगमा के हाथों में है।

त्रिपुरा के राजनीतिक हालात
त्रिपुरा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का करीब 1०.477 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र साझा करता है। यह राज्य बांग्लादेश के साथ 839 किलोमीटर की अंतरराष्ट्रीय सीमा और असम के साथ 53 और मिजोरम के साथ 1०9 किलोमीटर की राष्ट्रीय सीमा साझा करता है। इस राज्य में 1००० से लेकर 32०० फीट तक पहाड़ी श्रेणियां हैं, जिनमें जामपुरी, लोंगतराई, साकान और बारामुरा शामिल हैं। त्रिपुरा की हरी पहाड़ियां और संतरे पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। हाल ही में त्रिपुरा ने केरल (93.91) प्रतिशत को पीछे छोड़कर 94.65 फीसद साक्षरता दर हासिल की है। राजनीतिक रूप से त्रिपुरा में विधानसभा की 6० सीटें हैं। इसके अलावा राज्य की कुल आबादी 2०12 की जनगणना के मुताबिक 36.58 लाख है। आठ जिलों के साथ राज्य में दो लोकसभा सीट हैं। यहां से राज्यसभा में एक प्रतिनिधि होता है। यहां भाजपा, कांग्रेस, माकपा, राकांपा) मुख्य पार्टियां हैं। चुनाव में जनता दल (यूनाइटेड), ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, समाजवादी पार्टी (सपा) जैसे दल अपनी किस्मत आजमाते हैं।

मेघालय की राजनीतिक स्थिति
असम से 21 जनवरी 1972 को अलग होकर बने मेघालय राज्य के 11 जिलों में विधानसभा की 6० सीटें हैं। यहां से भी लोकसभा के दो और राज्यसभा के एक प्रतिनिधि चुने जाते हैं। इस राज्य की 6० में से 55 सीटें आरक्षित हैं। 22,429 वर्ग किलोमीटर में फैले मेघालय की कुल जनसंख्या 2००1 की जनगणना के मुताबिक 23,०6,०69 है। राज्य की साक्षरता दर 77 फीसदी है। यहां वर्तमान सरकार कांग्रेस की है और मुकुल संगमा मुख्यमंत्री हैं। राज्य में नौ निर्दलियों के समर्थन पर टिकी कांग्रेस को दिसम्बर में तब तगड़ा झटका लगा था, जब पार्टी के पांच विधायकों ने इस्तीफा देकर राजग के घटक दल के साथ जाने का ऐलान किया था। वर्तमान में कांग्रेस के 24 विधायक हैं।

नगालैंड का राजनीतिक परिदृश्य
नगालैंड की सीमा पश्चिम में असम, पूर्व में म्यांमार और दक्षिण मे मणिपुर से मिलती है। नगालैंड एक दिसम्बर 1963 को भारत के 16वें राज्य के रूप में सामने आया था। 16,579 वर्ग किलोमीटर में फैले नगालैंड के 11 जिलों की 6० विधानसभा सीटे हैं। राज्य की साक्षरता दर मेघालय के मुकाबले अधिक है। यहां साक्षरता दर 79.55 फीसद है। इस राज्य की सबसे अधिक हैरान करने वाली बात यहां की जनसंख्या है। 2०11 की जनगणना के मुताबिक, नगालैंड की जनसंख्या 19.79 लाख है, जो 2००1 की जनगणना में 19.9० लाख की आबादी से कम है। नगालैंड में टीआर जेलियांग के नेतृत्व वाली नगा पीपुल्स फ्रंट की सरकार है। राज्य की राजनीति में भाजपा, कांग्रेस और राकांपा मुख्य दल है, जबकि एनपीएफ राज्य में अपनी मौजूदगी दर्ज कराता है। इसके अलावा जनता दल (यूनाइटेड) और राजद भी चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमाते रहे हैं।

 

इन राज्यों में अभी है इस पार्टी की सरकार
त्रिपुरा : लेफ्ट पार्टियों की सरकार है। माणिक सरकार मुख्यमंत्री हैं।
मेघालय : यहां कांग्रेस सत्ता में है और मुकुल संगमा मुख्यमंत्री हैं।
नगालैंड : नगा पीपुल्स फ्रंंट-लीड डेमोक्रेटिक अलायंस की सरकार है। भाजपा ने समर्थन दिया है। टीआर जेलियांग मुख्यमंत्री हैं।

किस राज्य में कितनी सीटें
तीनों ही राज्यों में विधानसभा की 6०-6० सीटें हैं। त्रिपुरा विधानसभा का कार्यकाल 6 मार्च को खत्म हो रहा है। मेघालय और नगालैंड विधानसभा का कार्यकाल 13 व 14 मार्च को खत्म होगा।

2०13 की स्थिति

त्रिपुरा
कुल सीट- 6०
सीपीएम- 49
कांग्रेस- 1०
अन्य- ०1

मेघालय
कुल सीट- 6०
कांग्रेस- 29
यूडीपी- ०8
एनसीपी- ०2
अन्य- 21

नगालैंड
कुल सीट- 6०
एनपीएफ- 38
कांग्रेस- ०8
एनसीपी- ०4
बीजेपी- ०1
अन्य- ०9

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