कहीं पाकिस्तान को बचाने के लिए तो नहीं भारत के खिलाफ डोकलाम विवाद खड़ा कर रहा चीन?

नईं दिल्ली। डोकलाम विवाद पर वुछ दिन पहले ही भारत और चीन के बीच तनातनी खत्म हुईं और शांति बहाल हुईं थी, लेकिन एक बार फिर चीन ने अपनी गतिविधियां इस क्षेत्र में बढ़ा दी है। इससे भारत का टेंशन में आना लाजिमी है।

पिछले साल डोकलाम विवाद पर समझौता करने के बाद चीन ने एक बार फिर अपनी साियता इस क्षेत्र में बढ़ा दी है। चीन की यह साियता कहीं पाकिस्तान को राहत देने के लिए तो नहीं है। नए साल की शुरुआत के बाद से ही पाकिस्तान और अमेरिका के बीच तनातनी काफी बढ़ गईं है। अमेरिका ने उसे दिए जाने वाले आर्थिक मदद पर रोक लगा दी है। वहीं चीन इस मामले में पाक के साथ पूरी तरह से खड़ा नजर आ रहा है, और उसने उसे आर्थिक सहायता देने की बात कही है। दूसरी ओर, भारत के साथ पाकिस्तान के संबंधों में कोईं सुधार नहीं है। वह लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है।

वहीं, आतंकवाद के नाम पर भारत ने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में पाकिस्तान के खिलाफ माहौल बना रखा है। ऐसे में चीन पाकिस्तान का सबसे बड़ा मददगार बनते दिख रहा है। डोकलाम मामला भारत के लिए हमेशा से कमजोर कड़ी रहा है, बैकपुट पर नजर आता है। इससे पहले, द प्रिट की जानकारी के मुताबिक चीन ने क्षेत्र के उत्तरी हिस्से को पूरी तरह से अपने नियंत्रण में ले लिया है। भारतीय सेना प्रमुख बिपिन रावत ने वुछ दिन पहले ही कहा था कि चीन उत्तरी डोकलाम में अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा रहा है।

उन्होंने कहा था, ठयह भूटान और चीन के बीच एक विवादित क्षेत्र है। यहां से चीनी सेना सैन्य बलों की तैनाती में वुछ कमी लानी चाहिए। लेकिन यह हो सकता है कि चीन सदा गुजरने के बाद अपने फोर्स में कमी लाए। अब हमें देखना और इंतजार करना होगा। अमेरिका से बढ़ती दोस्ती, और अब भारत के इजराइल के साथ बेहद करीब आने से चीन और पाकिस्तान बेहद बौखलाए हो सकते हैं। ऐसे में चीन भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वछंद स्थिति बनाए नहीं रखने देना चाहता होगा।

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