उत्तर प्रदेश निर्माण निगम के अफसरों से कौन कर रहा है धनउगाही ?

अश्वनी श्रीवास्तव


लखनऊ : उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के कुछ अफसर और कर्मचारी इनदिनों पांच ऐसे शख्सों से परेशान हैं जो उनसे धनउगाही कर रहे हैं. सूबे के एक मंत्री का ओएसडी बताकर चार व्यक्ति धन बटोर रहे हैं, तो एक कालेज का अध्यापक अपने आपको संघ का नेता बताकर चंदे के नाम पर हर महीने धनउगाही कर रहा है. धन उगाही करने वाले ये लोग कौन है. निगम के अफसर भी नहीं जानते. लेकिन दहशत के कारण वे उनकी फरमाईश जरूर पूरी कर रहे हैं.

फिलहाल सवाल इस बात का है कि कहीं धन उगाही कर रहा ओएसडी फर्जी तो नहीं है, जो प्रदेश की योगी सरकार को बदनाम करने की साजिश के इरादे से निर्माण निगम के अफसरों से अवैध वसूली कर रहा हैं. निगम के सूत्रों के मुताबिक योगी सरकार के एक मंत्री का अपने आपको ओएसडी बताकर यहां एक की बजाय चार ओएसडी आते- जाते हैं, जो यहां के भ्रष्ट अफसरों को डरा धमकाकर हर हफ्ते चंदा वसूली के नाम पर भारी भरकम धन उगाही कर रहे हैं. इस बात की चर्चा पिछले एक महीने से निगम में चल रही है. लेकिन इसकी जांच- पड़ताल कोई करवाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है.

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गौरतलब है की समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में मलाईदार पदों पर तैनात रहे निगम के परियोजना प्रबंधकों पर यह कहकर दबाव बनाया जा रहा है कि उन्होंने कई बड़े घोटालों को अंजाम दिया है. इसलिए अगर चंदा नहीं दोगे तो उनके द्वारा कराये गए कार्यों की शिकायत कर जांच शुरू करा दी जाएगी. इस धमकी को लेकर निर्माण निगम के कई अफसर दहशत में हैं और वे न चाहकर भी उनकी मुराद पूरी कर रहे हैं. फिलहाल सवाल इस बात का है कि अगर मंत्रीजी के ओएसडी बनकर कोई वसूली कर रहा है तो इस बात की जानकारी मंत्रीजी को भी होगी. लेकिन ऐसा नहीं है. दरअसल यह साजिश सूबे की योगी सरकार को बदनाम करने की है.

बीजेपी के एक बड़े नेता से इस बात पर चर्चा की गयी, तो वह बोले कि मंत्रीजी का कोई ओएसडी निगम में वसूली के लिए क्यों जायेगा ? क्या उसको अपनी बदनामी का डर नहीं. जिसको धनउगाही करनी होगी वह स्वयं उसको अपने पास बुला लेगा. यही नहीं निगम में एक ओएसडी के वसूली करने की बात समझ में आती है, लेकिन चार लोग एक ही मंत्री के ओएसडी बनकर एक ही विभाग में वसूली करने के लिए नहीं जा सकते.

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इससे यह बात साफ है कि योगी सरकार को बदनाम करने की कोई गहरी साजिश रच रहा है. इसके अलावा एक कालेज के अध्यापक भी आरएसएस का पदाधिकारी बनकर यहां के कई अफसरों से पार्टी के नाम पर चंदा उगाही करने का काम कर रहे हैं. बहरहाल एक तरफ सरकार सूबे को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है. वहीँ सरकार के कुछ छोटे पदाधिकारी निगम में धनउगाही कर सरकार की बदनामी कर रहे हैं. यदि ऐसे लोगों के खिलाफ समय रहते कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गयी तो उनके हौसले जरूर बुलंद हो जायेंगे.

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