महिला क्रू मेंबर्स ने फहराया समुद्र के एवरेस्ट पर तिरंगा, जानिए कैसा यह सफर

द लखनऊ ट्रिब्यून ब्यूरो : समंदर के रास्ते INSV तारिणी से दुनिया की परिक्रमा पर निकलीं नेवी की 6 महिला अफसरों ने चिली में सफर का सबसे मुश्किल समुद्र का एवरेस्ट (केप हॉर्न प्वाइंट) पार कर लिया है। क्रू मेंबर्स ने तिरंगा फहराकर नया इतिहास लिख दिया। केप हॉर्न (चिली) को पार करने का मतलब एक तरह से एवरेस्ट फतह करने जैसा है क्योंकि यह समुद्री सफर की सबसे मुश्किल चुनौती समझा जाता है।

नेवी की महिलाओं अफसरों ने दुनिया का चक्कर लगाने के लिए पिछले साल 1० सितम्बर कों पणजी से यात्रा शुरू की थी। मार्च में टीम मिशन पूरा कर भारत लौटेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिणी की इस नई उपलब्धि पर भारतीय नौसेना की 6 महिला सदस्यों को ट्वीट कर बधाई दी है। इसे प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के लिए उपलब्धि माना जा रहा है।

सितम्बर में महिला क्रू सदस्यों ने लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी के नेतृत्व में गोवा से अपनी पहली समुद्री यात्रा शुरू की थी। तारिणी में वर्तिका जोशी के अलावा लेफ्टिनेंट कमांडर प्रतिभा जामवाल, पी. स्वाति और लेफ्टिनेंट एस. विजया देवी, बी.ऐश्वर्या और पायल गुप्ता हैं।

गोवा के एक्वेरियस शिपयार्ड लिमिटेड में तैयार की गई तारिणी हॉलैंड के टोन्गा 56 नाम के डिजाइन पर आधारित है। इसे बनाने में फाइबर ग्लास, एल्युमिनियम और स्टील जैसी धातुएं इस्तेमाल की गई हैं। इसके अलावा इसमें लेटेस्ट सेटेलाइट सिस्टम लगा है, जिससे कहीं भी संपर्क किया जा सकता है।

ओडिशा में मशहूर तारा-तारिणी मंदिर के नाम पर इस पोत का नाम रखा गया है। 23 टन वजन वाला आईएनएसवी तारिणी 56 फुट लंबा जहाज है, जिसका निर्माण गोवा में हुआ था। इस साल के आरंभ में इसे भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।

बहुत मुश्किल है केप हॉर्न
दक्षिणी चिली के पास होर्नोस आइलैंड पर मौजूद केप हॉर्न पर ही एटलांटिक और पैसिफिक ओशियन मिलते हैं। केप हॉर्न में तेज हवाएं, मजबूत बहाव और आइसबर्ग की वजह से इसे शिप्स का कब्रिस्तान कहा जाता है। 1914 में पनामा कैनाल खुलने के बाद केप हॉर्न के आसपास से शिप्स ले जाना कम कर दिया। यहां से किसी भी दिशा में 8०० किलोमीटर से पहले जमीन नहीं दिखाई देती।

पांच फेज में पूरी होगी परिक्रमा
सागर परिक्रमा पांच फेज में पूरी होगी। इस दौरान टीम राशन और शिप की मरम्मत के लिए चार बंदरगाहों फ्रेमंटल (ऑस्ट्रेलिया), लिटलेटन (न्यूजीलैंड), पोर्ट स्टेनले (फॉकलैंड्स) और केपटाउन (दक्षिण अफ्रीका) पर रुकेगी। दुनिया का चक्कर लगाते हुए मार्च, 2०18 में भारत लौटेगी।

यह पहला शिप, जिसकी सभी क्रू महिलाएं
आईएनएसवी तारिणी दुनिया का पहला इंटरनेशनल शिप है, जिसकी सभी क्रू मेंबर महिलाएं हैं। भारत में बने इस शिप की लंबाई 55 फीट है। इसे 2०16 में नेवी में शामिल किया गया था।

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