उत्तर कोरिया की कड़ी चेतावनी, सीमा पर सैनिकों को छेड़ा तो तुरंत और भयानक होगा जवाब; किम यो जोंग ने दी धमकी
नई दिल्ली: उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने दक्षिण कोरिया को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने दक्षिण कोरिया के उस दावे को खारिज किया है, जिसमें कहा गया था कि इंटर-कोरियाई सीमा के पास उत्तर कोरिया ने जमीन में माइन्स बिछाई थीं। इन माइन्स के धमाकों में तीन दक्षिण कोरियाई सैन्य अधिकारी घायल हुए थे। किम यो जोंग ने दक्षिण कोरिया के आरोप को साजिश बताते हुए कहा कि उत्तर कोरियाई सैनिक सीमा पर किलेबंदी का काम कर रहे हैं और अगर उन पर गोली चलाई गई तो जवाब दिया जाएगा।
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने सोमवार को कहा था कि अमेरिका के नेतृत्व वाली संयुक्त राष्ट्र कमान के साथ शुरुआती जांच में सामने आया है कि धमाके संभवत: उत्तर कोरिया की माइन्स की वजह से हुए। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री कांग शिन चुल ने कहा था कि अगर जांच में उत्तर कोरिया की जिम्मेदारी साबित होती है तो सियोल जवाबी कदम उठाने पर विचार करेगा।

तीन दक्षिण कोरियाई अधिकारी हुए थे घायल
21 सितंबर को डिमिलिटराइज्ड जोन यानी डीएमजेड में सैन्य सीमा के पास लगातार दो धमाके हुए थे। पश्चिमी हिस्से में हुए इन धमाकों में तीन दक्षिण कोरियाई अधिकारी घायल हुए। धमाके सीमा से करीब 10 मीटर दक्षिण में उस समय हुए, जब दक्षिण कोरियाई सेना घने जंगल वाले इलाके में गश्ती मार्ग तैयार कर रही थी।
दक्षिण कोरिया का कहना है कि इलाके में पिछले साल से जमीन की स्थिति में बदलाव देखा गया था। इससे वहां उत्तर कोरिया की ओर से माइन्स बिछाए जाने का शक हुआ। इसके बाद जांच के लिए रास्ता तैयार किया जा रहा था।
किम यो जोंग ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
किम यो जोंग ने दक्षिण कोरिया के आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि सीमा पर किलेबंदी का काम उत्तर कोरिया की संप्रभुता के दायरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि दक्षिण कोरिया चेतावनी प्रसारित करके और उत्तर कोरियाई सैनिकों पर चेतावनी के तौर पर गोली चलाकर तनाव बढ़ा रहा है।
किम यो जोंग ने कहा कि उत्तर कोरियाई सैनिकों ने सीमा पार नहीं की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दक्षिण कोरियाई सेना सीमा पर काम कर रहे उत्तर कोरियाई सैनिकों पर गोली चलाती है तो सीमा पर तैनात उत्तर कोरियाई यूनिट तुरंत और कड़ी जवाबी कार्रवाई करेगी।
दक्षिण कोरिया ने माइन्स को लेकर जताया शक
दक्षिण कोरियाई सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि धमाकों के पीछे उत्तर कोरियाई माइन्स होने की संभावना काफी ज्यादा है। अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में दक्षिण कोरिया या उसके सहयोगी देशों की ओर से माइन्स बिछाए जाने का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
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जांच के दौरान धमाके के निशान और विस्फोटक सामग्री की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने मौके पर एक और संभावित उत्तर कोरियाई माइन मिलने की बात भी कही है।
248 किलोमीटर लंबा है डीएमजेड
डिमिलिटराइज्ड जोन करीब 248 किलोमीटर लंबा और 4 किलोमीटर चौड़ा है। यहां करीब 20 लाख माइन्स दबे होने का अनुमान है। सीमा के दोनों तरफ कंटीले तार, टैंक रोधी अवरोध और सैनिक तैनात हैं।
दोनों कोरियाई देशों के बीच यह क्षेत्र लंबे समय से सैन्य तनाव का केंद्र रहा है। सीमा पर किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप सामने आते रहे हैं।
बातचीत की कोशिशों के बीच बढ़ा तनाव
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब दक्षिण कोरिया की सरकार उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने की कोशिश कर रही है। वहीं, उत्तर कोरिया दक्षिण कोरिया को अपना स्थायी दुश्मन बताता रहा है।
दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिशों के बावजूद सीमा पर टकराव का खतरा बना हुआ है। किम यो जोंग की ताजा चेतावनी से सीमा पर किसी भी सैन्य कार्रवाई के संभावित जवाब को लेकर उत्तर कोरिया का रुख एक बार फिर सामने आया है।

