खुलकर क्यों नहीं आते पीरियड्स? जानिए कारण और इलाज

पीरियड्स, महिलाओं को होने वाला एक नेचुरल प्रोसेस है लेकिन अब बिगड़ते लाइफस्टाइल के चलते पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं भी आम सुनने को मिल रही हैं। जिसका कारण पीसीओडी, मोटापा, स्ट्रेस, थायराइड जैसी समस्याएं हैं। पीरियड्स देर से आने, कम आने-ज्यादा आने या रूक-रूक कर आने आदि यह प्रॉब्लम तो बहुत कॉमन हो गई है जो आगे इंफर्टिलिटी को भी प्रभावित करती हैं, इससे कंसीव होने में भी कई तरह की दिक्कतें आती हैं।

बहुत सी लड़कियों के मुंह से आप ये जरूर सुनते होंगे कि उन्हें खुलकर पीरियड्स नहीं आते या 1-2 दिन मुश्किल से रहते हैं तो बता दें इस प्रॉब्लम को आप कुछ घरेलू नुस्खों से दूर कर सकते हैं हालांकि आपको पहले स्त्री विशेषज्ञ से परामर्श जरूर करना चाहिए। साथ ही कुछ घरेलू नुस्खे भी आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं अगर पीरियड्स खुलकर नहीं आते तो….

1. पीरियड्स खुलकर नहीं आते तो रात को सोते समय आधा चम्मच अजवाइन के साथ गुनगुना हल्दी वाला दूध पीएं या फिर गुड़ में चौथाई चम्मच सोंठ और चौथाई चम्मच अजवाइन डालकर हल्दी वाले गुनगुने दूध के साथ लें। इससे भी पीरियड्स खुलकर आने लगेंगे।

2. पीरियड्स रेग्युलर करने में अजवाइन काफी फायदेमंद हो सकती है। एक गिलास पानी में 2 से 3 चुटकी अजवाइन डालें और अच्छे से उबाल लें। फिर छानकर इस गुनगुने पानी को दो से तीन बार थोड़ा-थोड़ा करके पीएं। धीरे-धीरे आपके पीरियड्स रैगुलर हो जाएंगे।

3. पीरियड्स को रेगुलर करने में पपीता भी फायदेमंद माना जाता है। पपीते में कैरोटीन होता है, जो एस्ट्रोजन हार्मोन को उत्तेजित करने में मददगार माना जाता है। इसलिए अपनी डाइट में पपीता जरूर शामिल करें।

4. पीरियड्स समय पर ना आने और कम-ज्यादा आने की वजह महिला के शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है। अपनी डाइट में हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज, दूध, मौसमी फल, नट्स, अंडा, सूखे मेवे आदि हैल्दी चीजें जरूर शामिल करें।

5. अगर पीरियड्स ज्यादा आते हैं तो इससे शरीर में खून की कमी हो सकती हैं। इससे बचने के लिए भीगी हुई किशमिश सुबह खाली पेट खाएं। इसके अलावा पालक, गाजर, केला आदि आयरनयुक्त आहार खाते रहें।

6. हैल्दी डाइट के साथ स्ट्रेस फ्री रहना भी बहुत जरूरी है। मेडिटेशन योग का सहारा लें। सैर करें हल्की एक्सरसाइज करें और तनाव से दूर रहने की कोशिश करें।

7. पूरी नींद लें। नींद ना लेने से भी हार्मोंन्स गड़बड़ा जाते हैं और तनाव चिड़चिड़ापन जैसी परेशानियां सामने आती हैं।

अगर इन घरेलू नुस्खों से भी फर्क ना दिखाई दे तो डाक्टरी जांच जरूर करवाएं ताकि समस्या का पता चल सके।

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