आईवीआरआई में सूक्ष्मजीव जनित रोगों हेतु वैक्सीन एवं चिकित्सीय उम्मीदवारों के चयन की तकनीकों पर 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

बरेली, 09 मार्च। भाकृअनुप–भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनगर के जीवाणु विज्ञान एवं कवक विज्ञान विभाग में “सूक्ष्मजीव जनित रोगों हेतु वैक्सीन एवं चिकित्सीय उम्मीदवारों के चयन की मूलभूत एवं उन्नत तकनीकें” विषय पर आईसीएआर वैज्ञानिकों के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ कल किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 09 मार्च से 18 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में विभिन्न विभागों से आए वैज्ञानिकों ने भाग लिया, जिससे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की राष्ट्रीय स्तर पर महत्ता और अनुसंधान क्षमता को सुदृढ़ करने में इसकी उपयोगिता स्पष्ट होती है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. संजय सिंह, संयुक्त निदेशक (शोध ) ने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों की योजना इस प्रकार बनाई जानी चाहिए कि अधिकतम वैज्ञानिक एवं शोधकर्ता इसमें भाग लेकर लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवा वैज्ञानिकों में नवाचार की भावना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. अभिषेक ने स्वागत भाषण देते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा इस प्रशिक्षण की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों के संदर्भ में यह प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा इसमें विभिन्न वैज्ञानिक पृष्ठभूमि से आए प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं।

इस अवसर पर डॉ. प्रेमांशु दंडपत ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को आधुनिक आणविक, सूक्ष्मजीवविज्ञान, प्रतिरक्षा विज्ञान तथा बायोइन्फॉर्मेटिक्स आधारित तकनीकों का सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक ज्ञान प्रदान करना है, जिनका उपयोग संभावित वैक्सीन लक्ष्य एवं चिकित्सीय अणुओं की पहचान में किया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान मानव संसाधन विकास प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी डॉ. के. के. रजक ने आयोजन टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जीवाणु विज्ञान एवं कवक विज्ञान प्रभाग ने अल्प अवधि में दो प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित कर वैज्ञानिकों की क्षमता निर्माण की दिशा में सराहनीय कार्य किया है।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसे पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रसाद थॉमस ने प्रस्तुत किया। उन्होंने आयोजन समिति, संसाधन व्यक्तियों तथा प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डॉ. सुभाषिष बंद्योपाध्याय, विभागाध्यक्ष , परजीवी विज्ञान विभाग, डॉ. रविकांत अग्रवाल, अध्यक्ष, जैविक उत्पाद विभाग , डॉ. बबलू कुमार, विभागध्यक्ष , पशु जनस्वास्थ्य विभाग, डॉ. विनोदा ए.आर., अध्यक्ष, चिकित्सा विभाग भाग तथा डॉ. एम. शंकर भी उपस्थित रहे। बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
