राम मंदिर में नवसंवत्सर उत्सव के 7दिवसीय अनुष्ठान शुरू

डा विशाखा श्रीवास्तव
टीएलटी अयोध्या- नवसंवत्सर पर राम मंदिर में 19मार्च को होने जा रहे भव्य उत्सव के सात दिवसीय अनुष्ठान शुक्रवार से शुरू हो गए हैं। इसके मुख्य यजमान राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डा अनिल मिश्र और उनकी धर्मपत्नी ऊषा मिश्रा हैं।डा अनिल मिश्र प्राण प्रतिष्ठा व अन्य अनुष्ठानों में भी मुख्य यजमान बने थे। उन्होंने बताया कि नवसंवत्सर उत्सव में विविध अनुष्ठान व श्रीराम यंत्र का पूजन का कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया जा रहा है। वैदिक आचार्य सारे अनुष्ठान संपन्न करवा रहे हैं। नवसंवत्सर के एक दिन पूर्व अमावस्या को अयोध्या के प्रमुख मंदिरों के संत महंत व स्थानीय नागरिक रामकोट की परिक्रमा करेंगे।जिसको सफल और भव्य बनाने के लिए शुक्रवार को संतों की बैठक की गई। जिसमें सनातन धर्म की ध्वजा घर घर फहराने का निर्णय किया गया है।सभी परिवारों से अपील की गई है कि वे अपने घरों पर धर्म ध्वज को फहरा कर सनातन धर्म की आस्था को मजबूत करें।डा मिश्र ने कहा कि राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू का नवसंवत्सर पर राम मंदिर में आकर रामलला का पूजन अर्चन करना और साढ़े तीन घंटे राम मंदिर में भ्रमण श्रीराम यंत्र की स्थापना व अन्य कार्यक्रम में शामिल होने से नवसंवत्सर उत्सव की भव्यता बढ़ेगी। उन्होंने बतायाकि रामकोट परिक्रमा और विशेष धार्मिक आयोजनों की तैयारी चल रही है। संतों की रामकोट की परिक्रमा इसी तिथि पर संतों ने 21साल पहले शुरू की थी जो निरंतर जारी है।
नव संवत्सर के स्वागत को लेकर पूरे शहर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस अवसर पर रामनगरी में विशेष धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला होगी, जिसमें रामकोट की पारंपरिक परिक्रमा मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगी। इस पावन परिक्रमा में भगवान राम लला के मंदिर सहित कुल 108 मंदिरों का भ्रमण किया जाएगा, जो भक्ति और आस्था का अनूठा संगम होगा।
शाम के समय अयोध्या में विशेष धार्मिक अनुष्ठान और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें संत समाज और श्रद्धालु भक्ति भाव के साथ एकत्र होकर रामकोट परिक्रमा निकालेंगे। श्रीराम वल्लभा कुंज मंदिर में संपन्न संतों की बैठक में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और प्रमुख संत महंतों ने नवसंवत्सर कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया । जो अयोध्या की आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक बनेगा। उन्होंने बताया कि राम कोट की परिक्रमा शुरू करने से पहले, सभी श्रद्धालु गजेंद्र मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद लेंगे। इस दौरान भक्त भगवान श्री राम से देश, समाज और सनातन धर्म की उन्नति के लिए प्रार्थना करेंगे। नवसंवत्सर पर आयोजित
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के उत्सव से अयोध्या में एक बार फिर से सांस्कृतिक और धार्मिक उत्साह का माहौल बनाने की तैयारी है।

