1 अप्रैल से लागू होंगे इनकम टैक्स, बैंकिंग और रेलवे के 7 बड़े बदलाव; आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर

नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरू होते ही इनकम टैक्स प्रणाली में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह अब नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू होगा। इसमें असेसमेंट ईयर और प्रीवियस ईयर जैसे जटिल शब्दों को हटा दिया गया है और केवल टैक्स ईयर को मान्यता दी गई है। इसके अलावा HRA छूट लेने के लिए अब मकान मालिक का PAN और किराए का प्रूफ देना अनिवार्य होगा।
बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड में बदलाव
क्रेडिट कार्ड से सालाना 10 लाख रुपये से अधिक खर्च करने वालों की जानकारी टैक्स विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी। कई बैंकों ने रिवॉर्ड प्वाइंट्स और चार्जेस में बदलाव किया है, जबकि कुछ सेवाओं पर अतिरिक्त शुल्क लग सकता है। इससे आम लोगों के खर्चों पर असर पड़ने की संभावना है।

डिजिटल पेमेंट होंगे और अधिक सुरक्षित
ऑनलाइन लेन-देन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए 2 फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को और मजबूत किया गया है। अब OTP के साथ बायोमेट्रिक या डिवाइस आधारित प्रमाणीकरण भी जरूरी हो सकता है, ताकि डिजिटल ट्रांजैक्शन और सुरक्षित हो सके।
रेलवे टिकट कैंसिलेशन नियम सख्त
रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन नियमों में कड़ाई कर दी है। अब ट्रेन छूटने से केवल 8 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर रिफंड मिलेगा। इसके बाद टिकट कैंसिल करने पर पैसे वापस नहीं मिलेंगे। इससे यात्रा योजनाओं में बदलाव करने वालों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
शेयर बाजार में बढ़ेगा खर्च
F&O ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए अब खर्च बढ़ जाएगा। ऑप्शंस पर लगने वाला सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही गोल्ड बॉन्ड और अन्य निवेश उत्पादों पर भी टैक्स नियमों में बदलाव किया गया है।

सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव
नए लेबर लॉ के तहत बेसिक सैलरी का हिस्सा बढ़ाया जा रहा है। इसका सीधा असर PF और ग्रेच्युटी पर होगा, जिससे कर्मचारियों को लंबे समय में ज्यादा लाभ मिलेगा, लेकिन टेक-होम सैलरी थोड़ी कम हो सकती है।
गैस और फ्यूल के दाम में बदलाव संभव
1 अप्रैल से LPG, CNG और PNG की कीमतों में बदलाव संभव है। इसका असर सीधे किचन बजट और यात्रा खर्च पर पड़ेगा। ऐसे में आम लोगों को अपने मासिक बजट में समायोजन करना जरूरी होगा।
