लोकगीत, कविता और नृत्य से सजी ‘विविधा’: तीन दिन तक संस्कृति का उत्सव, कलाकारों को मिले सम्मान

LUCKNOW: लोकसंस्कृति, साहित्य और कला को समर्पित ‘विविधा’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें लोकगीत, कविता पाठ और नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. विदुषी पोखरियाल रहीं। उन्होंने प्रतिभागियों को स्पर्श हिमालय फाउंडेशन की ओर से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रकाश उपाध्याय ने किया। शुभारंभ वरिष्ठ कवि एवं पूर्व जनसंपर्क अधिकारी (मुख्यमंत्री उत्तराखंड और केंद्रीय शिक्षा मंत्री, भारत) डॉ. बेचैन कंडयाल के प्रभावशाली कविता पाठ से हुआ। साहित्यिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला में यशपाल सिंह ‘यश’ द्वारा लिखित काव्य नाटिका ‘इतिहास बोध’ का मंचन भी किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति के ग्लोबल अध्यक्ष पंडित सुरेश नीरव ने की। समापन अवसर पर मधु मिश्रा ने आभार व्यक्त किया। आयोजन की खास बात यह रही कि तीनों दिन के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया गया, जिससे बड़ी संख्या में दर्शक ऑनलाइन भी इस सांस्कृतिक उत्सव से जुड़ सके।

