रायबरेली में बाल सुरक्षा पर बड़ा मंथन: एएचटी व एसजेपीयू की मासिक गोष्ठी, बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की दिलाई शपथ

रायबरेली में महिला एवं बाल सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) एवं विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) की मासिक समन्वय गोष्ठी एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

यह गोष्ठी रविवार, 5 जनवरी 2026 को पुलिस कार्यालय स्थित किरण बहुउद्देशीय हॉल में आयोजित हुई। कार्यक्रम का आयोजन पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन में किया गया। बैठक की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक एवं नोडल अधिकारी संजीव कुमार सिंहा ने की, जबकि संचालन क्षेत्राधिकारी नगर अरुण नौहवार द्वारा किया गया।
गोष्ठी में माह दिसंबर 2025 की समीक्षा के साथ महिला व बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश (लखनऊ) द्वारा जारी एसओपी पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें थानों पर नियुक्त बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों के समक्ष आ रही समस्याओं, सुझावों और कर्तव्यों पर मंथन किया गया।
बैठक में पीड़ितों के आवासन, गुमशुदा बच्चों के मामलों, बाल श्रम, बाल विवाह, बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम, लैंगिक समानता, साइबर अपराध, एससी/एसटी एक्ट, नारी शक्ति, किशोर न्याय अधिनियम 2015 में हुए नवीनतम संशोधनों तथा पोक्सो एक्ट के प्रावधानों पर विशेष चर्चा हुई।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में 24 घंटे के भीतर बाल कल्याण समिति (CWC) को सूचना देना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। साथ ही फार्म ‘ए’, ‘बी’ एवं एसबीआर रिपोर्ट समय से भरकर संबंधित विभागों को भेजने पर जोर दिया गया।


इसके अलावा जेजे एक्ट के अंतर्गत सामाजिक पृष्ठभूमि रिपोर्ट, पोक्सो मामलों में उच्च न्यायालय से प्राप्त बेल नोटिस की समय पर जानकारी बाल कल्याण समिति एवं वादी/पीड़िता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जनपद में पंजीकृत व लंबित गुमशुदा बच्चों के मामलों और पोक्सो एक्ट के अभियोगों की भी समीक्षा की गई। साथ ही जेजे एक्ट से संबंधित आदेशों के अनुपालन एवं जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया गया।
इस दौरान सभी बाल कल्याण अधिकारियों को ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत शपथ भी दिलाई गई, जिसमें बाल विवाह की रोकथाम के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया गया।
गोष्ठी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनुपम शौर्य, बाल कल्याण समिति से मिलिंद द्विवेदी, किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान मीनू श्रीवास्तव, वन स्टॉप सेंटर, मेडिकल, ड्रग्स, श्रम, शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनपद के सभी थानों के बाल कल्याण अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

