संत सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की क्या गारंटी है?: सुनील सिंह

प्रयागराज: प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के साथ संगम जाने वाले काफिले में शामिल 80 वर्षीय वृद्ध संत के साथ पुलिस द्वारा की गई बर्बरता अत्यंत निंदनीय, अमानवीय और शर्मनाक है। एक वृद्ध संत के साथ मारपीट करना और जूतों से कुचलने जैसी घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि प्रदेश में सत्ता के संरक्षण में पुलिस निरंकुश होती जा रही है।

लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि जो लोग खुद को हिंदू धर्म का ठेकेदार और रक्षक बताते हैं, वही आज शंकराचार्य जी जैसे महान संतों और उनसे जुड़े साधु-संतों पर हमले करवा रहे हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। हिंदू धर्म की रक्षा दिखावे, नफरत और हिंसा से नहीं, बल्कि संतों के सम्मान, सनातन परंपराओं की रक्षा और सत्य के साथ खड़े होने से होती है।

उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जी और उनसे जुड़े संतों पर हुआ यह हमला किसी एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि सनातन धर्म की आत्मा, उसकी परंपराओं और श्रद्धा पर सीधा प्रहार है। अगर आज संत सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की क्या गारंटी है? लोकदल इस कायराना घटना की कड़ी निंदा करता है

