बसंत पंचमी 2026: घर में इन 5 चीजों को लाएं, साल भर नहीं होगी पैसों की कमी!

बसंत पंचमी हर साल माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है और यह पर्व ज्ञान, बुद्धि, वाणी और विद्या की देवी माँ सरस्वती को समर्पित होता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ही माँ सरस्वती प्रकट हुई थीं। बसंत पंचमी को केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि पूरे साल के लिए शुभ मुहूर्त माना जाता है। इसलिए इस दिन कुछ खास चीजें घर में लाना शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं उन पांच वस्तुओं के बारे में जिन्हें बसंत पंचमी के दिन घर में लाना चाहिए।

बसंत पंचमी 2026 की तारीख और समय
हिंदू पंचांग के अनुसार साल 2026 में माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि आज शाम 06:15 बजे से शुरू हो रही है और रात 08:30 बजे समाप्त हो जाएगी। चूंकि 23 जनवरी को सूर्योदय के समय पंचमी तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा का पर्व कल मनाया जाएगा।
1. पीली कौड़ियां (Yellow Cowries)
बसंत पंचमी के दिन पांच पीली कौड़ियां घर लानी चाहिए। इन्हें माता लक्ष्मी के चरणों में रखकर धन-धान्य और समृद्धि की प्रार्थना करनी चाहिए। इसके बाद इन कौड़ियों को तिजोरी में बांधकर रखा जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में धन का प्रवाह बना रहता है।
2. विवाह से जुड़ी चीजें (Marriage-related items)
बंसत पंचमी के दिन विवाह संबंधी चीजों की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। अगर घर में सगाई या विवाह होने वाला हो तो उससे जुड़ी खरीदारी इस दिन करने से विवाह या दांपत्य जीवन में बाधा नहीं आती।

3. पीले फूल (Yellow Flowers)
बसंत पंचमी में पीले रंग को विशेष महत्व दिया जाता है। यह रंग बसंत ऋतु और माँ सरस्वती दोनों को प्रिय माना जाता है। इस दिन पीले फूल या फूलों की माला माता को चढ़ानी चाहिए। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और पढ़ाई-लिखाई करने वालों की एकाग्रता बढ़ती है।
4. मोरपंखी (Peacock Feather Plant)
वास्तु शास्त्र में मोरपंखी के पौधे को शुभ माना गया है। बसंत पंचमी के दिन इसे घर में लाना चाहिए और इसे जोड़े में ही रखा जाता है। यह पौधा ड्रॉइंग रूम या मुख्य द्वार के पास रखा जा सकता है। मान्यता है कि इसे घर लाने से बच्चों की एकाग्रता बढ़ती है।
5. मां सरस्वती की मूर्ति (Idol of Goddess Saraswati)
बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की मूर्ति घर में स्थापित करनी चाहिए। वास्तु के अनुसार माता की मूर्ति को ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में स्थापित करना चाहिए। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

