J&K: कठुआ में सुरक्षाबलों का बड़ा एक्शन, एनकाउंटर में जैश का खूंखार आतंकी उस्मान ढेर, जवानों की शहादत का लिया बदला

New delhi: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले से सुरक्षाबलों के लिए साल 2026 की पहली बड़ी कामयाबी की खबर आ रही है। बिलावर के जंगलों में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में एक पाकिस्तानी आतंकी को मार गिराया गया है। मारे गए आतंकी की पहचान पाकिस्तान निवासी ‘उस्मान’ के रूप में हुई है, जो आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़ा हुआ था। इलाके में अभी भी दो से तीन आतंकियों के छिपे होने की आशंका है, जिसके चलते भारतीय सेना और पुलिस का संयुक्त सर्च ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है।

जवानों के हत्यारों का अंत: 9 महीने से चल रहा था पीछा
यह एनकाउंटर सुरक्षाबलों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मारा गया आतंकी उस्मान और उसके साथी पिछले 9 महीनों से सुरक्षाबलों की रडार पर थे। इन आतंकियों ने ही पिछले साल 26 मार्च 2024 को कठुआ पुलिस के चार जांबाज जवानों को शहीद किया था। तब से ये काहोग और नजोते वन क्षेत्र के दुर्गम इलाकों में छिपे हुए थे। सुरक्षाबलों ने आज सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर घेराबंदी कर अपने साथियों की शहादत का हिसाब चुकता कर दिया है।
परहेतर इलाके में सेना और पुलिस का जॉइंट ऑपरेशन
ऑपरेशन की शुरुआत 23 जनवरी 2026 की सुबह हुई जब सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस को कठुआ के परहेतर और धनु परोल के जंगलों में आतंकियों की मौजूदगी के इनपुट मिले। सुरक्षाबलों ने जैसे ही इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया, खुद को घिरा देख आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। भारतीय जवानों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला और सटीक फायरिंग में जैश के आतंकी उस्मान को ढेर कर दिया। जंगल का इलाका घना होने के कारण अतिरिक्त कुमक बुलाई गई है और घेराबंदी को और सख्त कर दिया गया है।

ड्रोन की हलचल के बाद हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां
कठुआ एनकाउंटर ऐसे समय में हो रहा है जब सीमा पार से पाकिस्तानी साजिशें तेज हो गई हैं। पिछले 10 दिनों के भीतर पांच बार एलओसी (LoC) के पास पाकिस्तानी ड्रोन मंडराते देखे गए हैं। मंगलवार देर रात भी बॉर्डर पर ड्रोन नजर आया, जिसके बाद सेना ने एंटी-ड्रोन सिस्टम को एक्टिवेट कर दिया था। 17 जनवरी को रामगढ़ सेक्टर में भी ऐसी ही हलचल देखी गई थी। सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि गणतंत्र दिवस के मद्देनजर पाकिस्तानी सेना इन ड्रोन्स के जरिए हथियारों की सप्लाई या सेना की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश कर रही है।
गणतंत्र दिवस से पहले घाटी में सुरक्षा कड़ी
26 जनवरी को देखते हुए पूरे केंद्र शासित प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित है। सुरक्षाबलों को शक है कि आतंकी किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में हैं, लेकिन सुरक्षाबलों की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। बिलावर के जंगलों में जारी यह मुठभेड़ साल 2026 का पहला बड़ा एनकाउंटर है, जो आतंकियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को साफ जाहिर करता है। फिलहाल पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और चप्पे-चप्पे पर तलाशी ली जा रही है।

