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अब माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाई के साथ ड्रोन और AI सीखेंगे छात्र, पहले चरण में 10 स्कूलों से होगी शुरुआत

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश में विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई शुरू की जाएगी। इसके लिए एक नया प्रोजेक्ट लॉन्च किया जा रहा है, जिसके तहत छात्रों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी देने के साथ-साथ उनका व्यावहारिक प्रशिक्षण भी कराया जाएगा। पहले चरण में जिले के 10 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को इस योजना में शामिल किया जाएगा।

पहले चरण में 10 स्कूलों के छात्र होंगे प्रशिक्षित
प्रोजेक्ट के तहत चयनित 10 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नियमित विषयों की पढ़ाई के साथ-साथ तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों को स्कूल स्तर से ही नई टेक्नोलॉजी में दक्ष बनाना है, ताकि वे आगे चलकर तकनीकी क्षेत्र में बेहतर अवसर हासिल कर सकें।

ड्रोन, AI और रोबोटिक्स में मिलेगी विशेषज्ञ ट्रेनिंग
इस योजना के तहत विद्यार्थियों को ड्रोन डिजाइन और इंजीनियरिंग, उड़ान की यांत्रिकी, संचार प्रणालियां, विमानन उपकरण, प्रकाशिकी, कंप्यूटर विज्ञान के साथ-साथ रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट के अंतर्गत यह आधुनिक तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे छात्रों को रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण मिल सके।

स्वरोजगार और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे
तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण मिलने से विद्यार्थियों के लिए स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। राजकीय माध्यमिक कॉलेजों में डिजाइन एंड इनोवेशन, कंप्यूटर एडेड मशीनिंग, एआर-वीआर, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स, AI-ML, ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल और बैटरी ईवी, प्लंबिंग और ओडीओपी से जुड़े कोर्स शुरू किए जाने की योजना है। इससे छात्र भविष्य की नौकरियों के लिए खुद को पहले से तैयार कर सकेंगे।

इन राजकीय कॉलेजों को किया जा सकता है शामिल
इस प्रोजेक्ट में नगर के राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, जाटा बरौली स्थित राजकीय इंटर कॉलेज सहित अन्य राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को शामिल किए जाने की संभावना है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

शिक्षा के साथ हुनर पर फोकस: अधिकारी
समग्र शिक्षा के नोडल अधिकारी अखिलेंद्र सिंह के अनुसार, इस पहल का मकसद छात्रों को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है। इससे वे भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार होंगे और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

 

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