भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर आईसीएआर प्रायोजित 21 दिवसीय विंटर स्कूल का समापन समारोह

बरेली, 05 फरवरी। आईसीएआर– भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज़तनगर में आयोजित 21 दिवसीय विंटर स्कूल “इनोवेशन्स इन डिजिटल एक्सटेंशन एंड स्मार्ट फार्मिंग” का कल सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह कार्यक्रम वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और विस्तार विशेषज्ञों की पेशेवर दक्षताओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, जिसमें डिजिटल एक्सटेंशन टूल्स, स्मार्ट फार्मिंग तकनीक, आईसीटी अनुप्रयोग, डेटा-आधारित निर्णय और नवीन विस्तार पद्धतियों पर गहन प्रशिक्षण दिया गया।
समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने पाठ्यक्रम की संरचना और मॉड्यूल की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप बताया। डॉ. दत्त ने आईवीआरआई की उत्कृष्ट विरासत, केंद्रों की उत्कृष्टता, विश्वस्तरीय अधोसंरचना, व्यावसायिक एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों तथा वैश्विक पशु चिकित्सा अनुसंधान में योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने वैज्ञानिकों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) विकसित करने और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रभावी फीडबैक तंत्र सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने विकसित भारत 2047 की दृष्टि और अमृतकाल के संदर्भ में इस विंटर स्कूल की भूमिका को राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
डॉ. एस.के. सिंह, संयुक्त निदेशक (अनुसंधान) ने पाठ्यक्रम की संरचना और विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग के समावेश की सराहना की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को सफलतापूर्वक कार्यक्रम पूरा करने पर बधाई दी।
डॉ. रुपसी तिवारी, संयुक्त निदेशक (प्रसार शिक्षा) एवं पाठ्यक्रम निदेशक ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया। प्रशिक्षण में सोशल मीडिया उपयोग, ब्लॉकचेन तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, इमेज-बेस्ड एप्लिकेशन, ब्लॉगिंग, ई-कंटेंट विकास और प्रायोगिक सत्र शामिल थे। कार्यक्रम को सप्ताहवार संरचित किया गया था जिसमें डिजिटल कृषि नीतियां, जलवायु लचीलापन, प्रभाव मूल्यांकन और पशु चिकित्सा क्षेत्र में ब्लॉकचेन व एआई की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया गया।
कुल 21 प्रतिभागियों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया, जिनमें 14 सहायक प्रोफेसर, 3 वैज्ञानिक और 4 विषय विशेषज्ञ शामिल थे। प्रतिभागी 11 राज्यों से आए थे और 11 विभिन्न विषयों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान, मथुरा गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर, निवेदी तथा विभिन्न एग्री-टेक स्टार्टअप्स के विशेषज्ञों ने भी योगदान दिया।
प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। डॉ. रौशन कुमार ने सामुदायिक रेडियो, ब्लॉकचेन, पॉडकास्ट और वर्चुअल/ऑगमेंटेड रियलिटी के उपयोग पर प्रकाश डाला। डॉ. विपिन ठाकुर ने पशु चिकित्सा क्षेत्र में कार्यक्रम की उपयोगिता बताई, जबकि डॉ. हर्षिता ने क्रॉस-लर्निंग के महत्व को रेखांकित किया।
समापन सत्र में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन डॉ श्रुति तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. बबलू कुमार, प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रभारी आईटीएमयू, द्वारा किया गया । बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट


