बजट सत्र में पर्यटन को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट किया, ललितपुर से मिर्जापुर तक विकास योजनाओं पर मंत्री जयवीर सिंह ने दिए तथ्यात्मक जवाब

लखनऊ, 12 फरवरी
2026उत्तर प्रदेश बजट-2026-27: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह का सदन में जवाब धार्मिक स्थलों के विकास से लेकर होटल सुरक्षा तक, सदन में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने विधान परिषद सदस्यों के सवालों के दिए जवाब पर्यटन विकास में पारदर्शिता और गाइडलाइन आधारित कार्यवाही पर जोर, बजट सत्र में पर्यटन का रोडमैप स्पष्ट, चरणबद्ध विकास की रणनीति सीतापुर से झांसी और मिर्जापुर तक पर्यटन योजनाओं पर सरकार ने रखी स्थिति स्पष्ट, प्रदेश सरकार का पर्यटन नीति में पारदर्शिता और संरचनात्मक सुधारों पर जोर
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 के चौथे दिन विधान परिषद में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्नों का विस्तार पूर्वक उत्तर दिया। उन्होंने ललितपुर, सीतापुर, झांसी, मिर्जापुर स्थित धार्मिक स्थलों के पर्यटन विकास एवं प्रदेश भर में चल रहे होटल, रेस्तरां के सुरक्षा मानकों की जांच तथा दुरुस्तीकरण के संबंध में सदन को अवगत कराया। मंत्री जयवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार पर्यटन एवं सांस्कृतिक विरासत के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में ठोस नीतिगत एवं संरचनात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने गुरुवार को विधानसभा में तथ्यों एवं स्पष्ट नीतिगत प्रावधानों के आधार पर सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्नों का क्रमवार उत्तर देते हुए पर्यटन विकास को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। जनपद ललितपुर की महरौनी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नीलकंठेश्वर धाम (तहसील पाली) तथा ग्राम डोगरा कला स्थित डोगरासन माता मंदिर के आसपास पर्यटन विकास कार्यों से संबंधित प्रश्न पर उन्होंने स्पष्ट किया कि नीलकंठेश्वर धाम मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, भारत सरकार के अधीन है। विभागीय दिशानिर्देशों के अनुरूप, बजट की उपलब्धता तथा निर्विवाद एवं निःशुल्क भूमि सुनिश्चित होने की स्थिति में ही पर्यटन स्थलों का विकास कार्य किया जाता है।

सीतापुर स्थित प्राचीन गंगा सागर तीर्थ रामेश्वर धाम-
पर्यटन मंत्री ने जनपद सीतापुर के ब्लॉक खैराबाद स्थित ग्राम पंचायत रामकोट के प्राचीन गंगा सागर तीर्थ रामेश्वर धाम के जीर्णोद्धार के संबंध में मो० जासमीर अंसारी के प्रश्न का उत्तर देते हुए स्पष्ट किया कि पर्यटन विभाग निर्धारित मानकों एवं बजट की उपलब्धता के आधार पर ही पर्यटन स्थलों का विकास करता है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा केवल निर्विवाद एवं निःशुल्क भूमि उपलब्ध होने की स्थिति में आगंतुकों हेतु शौचालय, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, साइनेज जैसी बुनियादी पर्यटक सुविधाओं का विकास किया जाता है, जबकि जीर्णोद्धार, मरम्मत एवं लाइटिंग संबंधी कार्य वर्तमान गाइडलाइन्स के अंतर्गत अनुमन्य नहीं हैं।
झांसी के पर्यटन स्थलों के विकास पर बोले –
झांसी जनपद के आस्था केंद्रों को पर्यटन मानचित्र पर सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए विधान सभा बबीना स्थित अंजनी माता मंदिर, गरौठा क्षेत्र के प्राचीन राम जानकी मंदिर सगौली तथा मऊरानीपुर के श्री मढ़ा सरकार प्राचीन मंदिर के पर्यटन विकास को लेकर सदन में प्रश्न उठाया गया। इस पर उत्तर देते हुए पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि इन मंदिरों का विकास विभागीय गाइडलाइन एवं बजट की उपलब्धता के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से कराया जाएगा, ताकि क्षेत्रीय धार्मिक पर्यटन को नई गति मिल सके।
मिर्ज़ापुर के श्री चित्रगुप्त मंदिर एवं चित्रगुप्त घाट पर कहा –
जनपद मिर्जापुर नगर स्थित 100 वर्षीय श्री चित्रगुप्त मंदिर एवं चित्रगुप्त घाट को गंगा के कटाव से सुरक्षा एवं संरक्षण प्रदान किए जाने के संबंध में आशुतोष सिन्हा एवं लाल बिहारी यादव द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में पर्यटन मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कार्य पर्यटन विभाग की गाइडलाइन्स के अंतर्गत आच्छादित नहीं है। उन्होंने बताया कि इस विषय में आवश्यक कार्यवाही हेतु पर्यटन निदेशालय द्वारा निदेशक एवं मुख्य अभियंता, सिंचाई विभाग को सूचित कर दिया गया है, ताकि मंदिर एवं घाट की संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
होटल एवं रेस्तरां में सुरक्षा मानकों पर –
प्रदेश में पर्यटन विकास और पर्यटकों की निरंतर बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने होटल एवं रेस्तरां में सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सदन के सदस्य दिनेश कुमार गोयल एवं विजय बहादुर पाठक द्वारा उठाए गए प्रश्नों के उत्तर में पर्यटन मंत्री ने स्पष्ट किया कि होटलों का पंजीकरण सराय एक्ट के अंतर्गत संबंधित जनपद के जिलाधिकारी द्वारा किया जाता है, जबकि बार एवं रेस्टोरेंट का पंजीकरण पर्यटन विभाग के अधीन नहीं है। साथ ही उन्होंने बताया कि होटलों, बार एवं रेस्टोरेंट में सुरक्षा मानकों की नियमित जांच पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर सुनिश्चित की जाती है, ताकि पर्यटकों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
मां संकटा देवी धाम पर दी जानकारी
– वहीं, सीतापुर के महमूदाबाद स्थित मां संकटा देवी धाम के समग्र पर्यटन विकास को लेकर सदन में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि शासनादेश के बाद बजट 2022 दिनांक 10 नवम्बर 2022 के अंतर्गत 87.01 लाख रुपए की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास कार्य पूर्ण कराए जा चुके हैं, जिनमें मंदिर की ओर सीढ़ियों का निर्माण सहित विभिन्न सुविधाओं का विकास शामिल है। हालांकि, पर्यटन विभाग की गाइडलाइन के अनुसार सरोवर के चारों ओर पक्का घाट निर्माण का प्रावधान अनुमन्य नहीं है।


