Friday, February 13, 2026
झारखंड

झारखंड के हाईवे पर तेज रफ्तार पर लगेगा ब्रेक, बढ़ेगी स्पीड लेजर गन और स्मार्ट कैमरों की तैनाती

रांची। सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए झारखंड में यातायात व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा। दुर्घटनाओं के पीछे वाहनों की तेज रफ्तार को प्रमुख कारण मानते हुए राज्य के हाईवे पर स्पीड लेजर गन की संख्या बढ़ाने की तैयारी है। इसके लिए नई लेजर गनों की खरीद प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, ताकि ओवरस्पीडिंग पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

हाईवे पर स्पीड लिमिट पार करते ही कटेगा चालान
राज्य सरकार की योजना के तहत हाईवे पर ऐसे आधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे, जो स्पीड लेजर गन की तर्ज पर काम करेंगे। इन कैमरों में पहले से तय स्पीड लिमिट फीड रहेगी। जैसे ही कोई वाहन निर्धारित सीमा से अधिक रफ्तार में कैमरे की जद में आएगा, उसका ऑटोमैटिक चालान जनरेट हो जाएगा और संबंधित वाहन मालिक को भेज दिया जाएगा।

शहरों में हाई रेजोल्यूशन कैमरों की होगी तैनाती
शहरी इलाकों में भी यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बढ़ेगी। चौक-चौराहों पर बेहतर गुणवत्ता वाले हाई रेजोल्यूशन कैमरे लगाए जाएंगे, जो नंबर प्लेट की पहचान कर मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान काटेंगे। इससे रेड लाइट जंपिंग और अन्य ट्रैफिक उल्लंघनों पर लगाम लगेगी।

इंटरसेप्टर वाहन को लेकर नई पहल
राजधानी रांची में वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण के लिए पहले विशेष वाहन इंटरसेप्टर उतारे गए थे, लेकिन फिलहाल वह वाहन खराब स्थिति में है। सड़क सुरक्षा कोषांग ने नए इंटरसेप्टर वाहन की खरीद के लिए राज्य सरकार को अनुशंसा भेजी है, जिस पर काम जारी है।

30 से ज्यादा आधुनिक उपकरणों से लैस होगी ट्रैफिक पुलिस
सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राज्य की यातायात पुलिस को करीब 30 से 31 तरह के आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें स्पीड लेजर गन, विशेष वाहन इंटरसेप्टर, ब्रेथ एनालाइजर, स्ट्रेचर, हाई रेजोल्यूशन कैमरे, बटन कैमरे, व्हील लॉक और बॉडी वॉर्न कैमरे शामिल हैं। ये उपकरण न सिर्फ कानून के सख्त अनुपालन में मदद करेंगे, बल्कि पुलिसकर्मियों की पारदर्शिता भी बढ़ाएंगे।

बॉडी वॉर्न कैमरे से बढ़ेगी पारदर्शिता
चौक-चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस को बॉडी वॉर्न कैमरे पहनना अनिवार्य होगा। इससे आम नागरिकों के साथ पुलिस के व्यवहार की रिकॉर्डिंग होगी और पुलिसकर्मियों को दुर्व्यवहार जैसे आरोपों से बचाव मिलेगा।

दुर्घटना पीड़ितों के लिए बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था
सड़क हादसों में घायलों की जान बचाने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। सभी जिलों में सिविल सर्जन और पुलिस के बीच आपसी समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया है, ताकि घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर त्वरित इलाज मिल सके। इस संबंध में राज्य सरकार ने सभी सिविल सर्जनों को सतर्क करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें सड़क सुरक्षा कोषांग की समीक्षा बैठक के बिंदुओं को भी शामिल किया गया है।

 

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