7 घंटे तक ‘मृत’ रही महिला का दावा: स्वर्ग पहुंचकर देखा परलोक का नजारा, लौटकर बताई चौंकाने वाली कहानी

मौत को लेकर इंसानों के मन में हमेशा से जिज्ञासा रही है कि आखिर मृत्यु के बाद क्या होता है। इस रहस्य को लेकर कई तरह की कहानियां और दावे सामने आते रहते हैं। इसी बीच अमेरिका के न्यू जर्सी की रहने वाली एक महिला ने ऐसा दावा किया है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। 32 वर्षीय एरिका टेट का कहना है कि वह करीब 7 घंटे तक क्लिनिकली मृत रहीं और इस दौरान उन्होंने परलोक की दुनिया का अनुभव किया।

महिला की यह कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। एरिका का कहना है कि इस अनुभव ने उनकी जिंदगी और सोच दोनों को पूरी तरह बदल दिया।
हाइकिंग के दौरान हुआ था भयानक हादसा
एरिका के मुताबिक, यह घटना साल 2015 की है। वह न्यू जर्सी के पैलिसेड्स क्लिफ्स इलाके में हाइकिंग करने गई थीं। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वह करीब 60 फीट नीचे खाई में जा गिरीं। इस गंभीर हादसे में उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई, कई पसलियां और एक हाथ फ्रैक्चर हो गया, जबकि दोनों फेफड़े भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने फोन के जरिए मदद मांगने की कोशिश की, लेकिन सही लोकेशन का पता नहीं चल पाने के कारण रेस्क्यू टीम को वहां तक पहुंचने में करीब 7 घंटे लग गए। जब तक उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, तब तक डॉक्टरों के मुताबिक उनकी स्थिति बेहद गंभीर थी और वह क्लिनिकली मौत के करीब थीं।
‘शरीर से अलग होकर खुद को देखा’
एरिका का दावा है कि हादसे के बाद उन्होंने एक अजीब अनुभव किया। उनके अनुसार, उन्होंने खुद को ऊपर से अपने घायल शरीर को देखते हुए पाया। उस समय उन्हें एहसास हुआ कि वह सिर्फ शरीर नहीं बल्कि उससे अलग कुछ और हैं।
उनका कहना है कि उसी क्षण उनका सारा दर्द गायब हो गया और एक गहरी शांति ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद उन्हें ऐसा लगा जैसे उनकी पूरी जिंदगी किसी फिल्म की तरह उनके सामने चल रही हो, जिसमें उनके सभी फैसले और दूसरों पर पड़े उनके असर साफ दिखाई दे रहे थे।

न्याय करने वाला कोई नहीं था
एरिका का कहना है कि लोग अक्सर स्वर्ग, नरक या फरिश्तों की बातें करते हैं, लेकिन उनके अनुभव में ऐसा कुछ भी नहीं था। उनके मुताबिक वहां सिर्फ एक तेज और चमकदार रोशनी थी, जो उन्हें अपनी ओर खींच रही थी।
उन्होंने उस रोशनी को ‘सार्वभौमिक चेतना’ या ईश्वर जैसा अनुभव बताया। एरिका के अनुसार, वह रोशनी बेहद शांति, प्रेम और अपनापन से भरी हुई थी।
इस अनुभव ने बदल दी जिंदगी
एरिका बताती हैं कि हादसे से पहले वह भगवान या आध्यात्मिकता में विश्वास नहीं करती थीं, लेकिन इस घटना के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल गई। अब उनका मानना है कि मौत अंत नहीं बल्कि एक परिवर्तन है।
उनके अनुसार, इंसान दरअसल ऊर्जा से बना है और सभी लोग किसी न किसी रूप में एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। एरिका का कहना है कि इसलिए लोगों को नफरत और डर से दूर रहकर करुणा और प्रेम के साथ जीवन जीना चाहिए।
