रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर आलोक श्रीवास्तव 106 वर्षीय भारतीय वनस्पति सोसायटी के छठी बार कोषाध्यक्ष निर्वाचित

बरेली,04 अप्रैल। भारतीय वनस्पति सोसायटी (इंडियन बोटैनिकल सोसायटी) के हाल ही में संपन्न चुनाव में महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली के पादप विज्ञान विभाग के विभाग अध्यक्ष प्रख्यात वनस्पतिविद् प्रोफेसर आलोक श्रीवास्तव को सर्वसम्मति से सोसायटी का कोषाध्यक्ष (ट्रेजरार) चुना गया है। यह उनका लगातार छठा कार्यकाल है। प्रत्येक कार्यकाल तीन वर्ष का होता है।

प्रोफेसर श्रीवास्तव का यह निर्वाचन उनके प्रति सोसायटी के सदस्यों के अटूट विश्वास और वित्तीय प्रबंधन में उनकी विशेषज्ञता का प्रतीक है। उनके नेतृत्व में सोसायटी का वित्तीय ढांचा और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी हुआ है।
भारतीय वनस्पति सोसायटी का संक्षिप्त परिचय:-वर्ष 1920 में स्थापित भारतीय वनस्पति सोसायटी देश की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थाओं में से एक है। 106 वर्षों के इतिहास में इस सोसायटी ने भारत में वनस्पति विज्ञान (बॉटनी) के विकास, अनुसंधान और शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सोसायटी का मुख्य उद्देश्य पादप विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देना, वैज्ञानिक ज्ञान का प्रसार करना तथा देश-विदेश के वैज्ञानिकों के बीच विचारों का आदान-प्रदान करना है। सोसायटी अपना प्रतिष्ठित शोध पत्रिका “जर्नल ऑफ द इंडियन बोटैनिकल सोसायटी” का प्रकाशन नियमित रूप से करती है। डॉ श्रीवास्तव की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह ने उन्हें बधाई दी।
भारतीय वनस्पति सोसायटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की संस्था में कोषाध्यक्ष का पद अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जिम्मेदारी का होता है। यह पद केवल वित्तीय लेन-देन का प्रबंधन भर नहीं है, बल्कि संस्था की नीतियों के निर्धारण और उसकी दीर्घकालिक योजनाओं को धन-बल प्रदान करने का कार्य करता है। कोषाध्यक्ष ही यह सुनिश्चित करता है कि : सोसायटी के सभी अनुसंधान अनुदान, प्रकाशन कार्य और शैक्षणिक कार्यक्रम निर्बाध रूप से चलते रहें।
: वित्तीय पारदर्शिता एवं लेखा परीक्षा (ऑडिट) के मानकों का पालन हो।
: सदस्यों के अंशदान और सरकारी/गैर-सरकारी अनुदानों का विवेकपूर्ण एवं प्रभावी उपयोग हो।

प्रोफेसर श्रीवास्तव का लगातार छठा कार्यकाल इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने इस जिम्मेदारी का निर्वहन अत्यधिक कुशलता और निष्पक्षता के साथ किया है। उनके नेतृत्व में सोसायटी का वित्तीय सुदृढ़ता और विश्वसनीयता का ग्राफ निरंतर ऊपर उठा है।
सोसायटी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने प्रोफेसर श्रीवास्तव को उनके पुनः निर्वाचन पर हार्दिक बधाई दी है और विश्वास जताया है कि उनके अनुभव से सोसायटी को नई ऊंचाइयां प्राप्त होंगी।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
