दिल टूटने पर क्यों लगने लगता है सब कुछ बुरा, यहां जानें क्यों नही लगती भूख-प्यास ?
नई दिल्ली : प्यार एक अलग एहसास है और यही वजह है कि जब किसी से प्यार होता है तो हमारे पेट में गुदगुदी होने लगती है। नींद उड़ जाती है और भूख-प्यास(hunger and thirst) लगना भी बंद हो जाती है। वहीं जब दिल टूटता है तो सब कुछ बुरा लगने लगता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि प्यार होते ही ऐसा क्यों होने लगता है? इस सभी का सिर्फ एक ही कारण है और वह है हॉर्मोन। इस रिपोर्ट में समझते हैं प्यार वाले हॉर्मोन के साथ शरीर में मौजूद कौन सा हॉर्मोन क्या करता है।
जब हम किसी की तरफ अट्रैक्टिड फील करने लगते हैं तो हमारे शरीर में डोपामीन की मात्रा बढ़ने लगती है और इसी वजह से दिल भी धक-धक करने लगता है। वहीं जब हम किसी के साथ रिलेशनशिप में होते हैं तो सेरेटोनिन हमे अच्छा महसूस कराता है। किसी के प्यार से छूने पर ऑक्सीटोसिन निकलने लगता है और ये दो लोगों के बीच में विश्वास कायम करने में बड़ी भूमिका निभाता है और फिर जब ब्रेकअप हो जाता है तो सिर्फ बुरे ख्याल मन में आते हैं क्योंकि तब ऑक्सीटोसिन और डोपामीन दोनों की ही मात्रा घटने लगती है। खुशी का एहसास कम हो जाता है और हम उदास महसूस करने लगते हैं। हमारी खुशी से लेकर गुस्से तक की वजह हॉर्मोन पर निर्भर करती है।


हॉर्मोन कई तरह के होते हैं और सभी का काम शरीर में अलग-अलग होता है। हमारी हाइट बढ़ाने का काम करते हैं सोमेट्रोपीन, सेक्स हॉर्मोन होते हैं महिलाओं में एस्ट्रोजन और पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन इसके अलावा डोपामीन और मेलाटॉनिन हमारी नींद का ख्याल रखते हैं। इसके अलावा हॉर्मोन पेनक्रिया(hormone pancreas), किडनी, टेस्टीज, ओवरी, थायमस, थायराइड और दिमाग में मौजूद पीनियल ग्लैंड(pineal gland) से भी निकलते हैं। दिमाग में एक पिट्यूटरी ग्लैंड भी होता है जिसका काम शरीर में मौजूद सभी हॉर्मोन को रेगुलेट करने का होता है। कुल मिलाकर हॉर्मोन तन को मन से जोड़ने का काम करते हैं और यहीं वजह है कि प्यार तन और मन से होता है।
