लालकृष्ण आडवाणी को अस्पताल से मिली छुट्टी, छाती में संक्रमण के चलते 16 अक्टूबर को हुए थे भर्ती
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को सोमवार को इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, 98 वर्षीय आडवाणी की सेहत में सुधार होने के बाद उन्हें छुट्टी देने का फैसला लिया गया। उन्हें छाती में संक्रमण की शिकायत के बाद 16 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
छाती में संक्रमण के बाद अस्पताल में चल रहा था इलाज
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल की ओर से जारी बयान के अनुसार, लालकृष्ण आडवाणी को 16 अक्टूबर की शाम करीब 7:30 बजे छाती में संक्रमण के कारण भर्ती कराया गया था। उन्हें अस्पताल के फेफड़ों से संबंधित विभाग में रखा गया था। इस दौरान न्यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में उनका इलाज किया गया।

अस्पताल ने बताया कि उपचार के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ है, जिसके बाद सोमवार को उन्हें छुट्टी दे दी गई। इससे पहले शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी अस्पताल पहुंचकर आडवाणी से मुलाकात की थी और उनकी सेहत का हाल जाना था।
पहले भी कई बार अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं आडवाणी
98 वर्षीय लालकृष्ण आडवाणी को हाल के महीनों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। इस साल मई में भी उन्हें उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय कुछ दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में रहने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी।
इससे पहले दिसंबर 2024 में भी उन्हें इलाज और जांच के लिए अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था। उस दौरान उनका उपचार न्यूरोलॉजिस्ट की देखरेख में हुआ था।
भाजपा को मजबूत बनाने में निभाई अहम भूमिका
लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची में हुआ था। वह भारतीय जनता पार्टी के सबसे प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। पार्टी को एक छोटी राजनीतिक ताकत से राष्ट्रीय स्तर के बड़े संगठन के रूप में स्थापित करने में उनकी अहम भूमिका रही है। वह कई बार भाजपा के अध्यक्ष बने और देशभर में पार्टी के संगठनात्मक आधार को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

साल 1990 में निकाली गई उनकी देशव्यापी राम रथ यात्रा भारतीय राजनीति की महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल रही। इस यात्रा के बाद भाजपा की राजनीतिक पहुंच और प्रभाव में विस्तार हुआ।
2002 से 2004 तक रहे देश के उपप्रधानमंत्री
अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में लालकृष्ण आडवाणी ने 2002 से 2004 तक भारत के उपप्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने गृह मंत्रालय समेत कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार भी संभाला।
सार्वजनिक जीवन और देश के प्रति उनके योगदान को देखते हुए वर्ष 2024 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। इससे पहले 2015 में उन्हें पद्म विभूषण से नवाजा गया था।
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