Top Newsउत्तर प्रदेशराज्य

विश्व जल दिवस पर गोंडा में जागरूकता अभियान, किसानों को जल संरक्षण और आधुनिक खेती के लिए किया प्रेरित

जनपद गोंडा में पानी संस्थान द्वारा संचालित पुरस्कार परियोजना के तहत विश्व जल दिवस के अवसर पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन पंडरी कृपाल एवं झंझरी ब्लॉक स्थित मेरी गोल्ड लॉन में संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाना है।

कम लागत में अधिक उत्पादन पर दिया गया जोर
परियोजना के अंतर्गत किसानों को कम लागत, कम खाद और कम पानी में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। 22 मार्च 2026 को गोंडा और श्रावस्ती जनपद के आठ विकास खंडों में जल दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को नई तकनीकों से अवगत कराया गया।

घटते भू-जल स्तर पर जताई गई चिंता
कार्यक्रम में मौजूद किसानों को लगातार गिरते भू-जल स्तर के प्रति जागरूक किया गया। मुख्य अतिथि उप कृषि निदेशक ने अपने संबोधन में कहा कि पानी का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है और हर व्यक्ति को इसके लिए आगे आना होगा। वहीं जिला उद्यान अधिकारी ने किसानों से ड्रिप सिंचाई अपनाने की अपील की।

अत्यधिक जल दोहन से बढ़ रहा संकट
तकनीकी निदेशक रवि सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में बोरवेल और ट्यूबवेल के जरिए अत्यधिक जल दोहन हो रहा है, जिससे भू-जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि गांवों के पारंपरिक जल स्रोत जैसे कुएं और तालाब समाप्ति की कगार पर हैं, जिसके कारण वर्षा जल का संरक्षण नहीं हो पा रहा है।

भविष्य में जल संकट की आशंका
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि यदि जल स्तर में इसी तरह गिरावट जारी रही तो आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई दोनों के लिए गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। इस स्थिति से बचने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

किसानों को दी गई आधुनिक तकनीकों की जानकारी
कार्यक्रम में किसानों को जल संरक्षण के लिए मल्चिंग, सहफसली खेती, कम जल मांग वाली फसलों का चयन, शून्य जुताई पद्धति और श्री विधि जैसी तकनीकों को अपनाने की सलाह दी गई। साथ ही तालाबों के नवीनीकरण और सोख पिट निर्माण पर भी विशेष बल दिया गया।

लोकगीतों के जरिए दिया गया संदेश, दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम के दौरान लोक गायिका ममता मिश्रा ने गीतों के माध्यम से घर और खेती दोनों में जल संरक्षण का संदेश दिया। विभिन्न गतिविधियों के जरिए किसानों को जागरूक किया गया और सभी उपस्थित लोगों को जल बचाने की शपथ दिलाई गई।

प्रगतिशील किसानों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के अंत में 10 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। इनमें रोली, मयंका वर्मा, ननकई, गिरजा देवी, कुमकुम मिश्रा, मीना देवी, रीना जायसवाल, रीना वर्मा और सतना देवी सहित अन्य शामिल रहे।

सफल आयोजन में टीम की रही अहम भूमिका
कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक, जिला उद्यान अधिकारी, हाइड्रोजियोलॉजिस्ट, तकनीकी निदेशक रवि सिंह, अविनाश सिंह, राजीव मिश्रा, लोक गायिका ममता मिश्रा, बीरेंद्र कुमार, सुभाष चंद्र, निर्भय और जितेंद्र सहित कई लोगों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। आयोजन के सफल संचालन में अंकिता मिश्रा और प्रिया श्रीवास्तव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

---------------------------------------------------------------------------------------------------