विश्व मिर्गी दिवस पर एम्स रायबरेली में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

रायबरेली: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायबरेली के न्यूरोलॉजी विभाग द्वारा दिनांक 9 फ़रवरी 2026 (सोमवार) को विश्व मिर्गी दिवस के अवसर पर मिर्गी रोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने हेतु एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह जागरूकता कार्यक्रम एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. अमिता जैन के नेतृत्व में कार्यक्रम किया गया इस अवसर पर न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. अर्चना वर्मा ने न्यूरोसिस्टिसर्कोसिस एवं मिर्गी रोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ने बताया कि न्यूरोसिस्टिसर्कोसिस एक गंभीर लेकिन इलाज योग्य मस्तिष्क रोग है, जो परजीवी संक्रमण के कारण होता है। यह संक्रमण दूषित भोजन या पानी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और मस्तिष्क में सिस्ट बनाकर मिर्गी के दौरे उत्पन्न कर सकता है। उन्होंने बताया कि भारत जैसे देशों में मिर्गी के कई मामलों का प्रमुख कारण न्यूरोसिस्टिसर्कोसिस है।
न्यूरोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आशुतोष कुमार मिश्रा ने मिर्गी के दौरों से बचाव एवं उपचार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, तनाव से बचाव, स्वच्छता एवं संतुलित आहार मिर्गी नियंत्रण में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि मिर्गी का इलाज संभव है और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का नियमित सेवन अत्यंत आवश्यक है। दौरे के समय मरीज को सुरक्षित स्थान पर लिटाना चाहिए तथा तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।


इस मौके पर कार्यक्रम में उपस्थित एडिशनल प्रोफेसर एवं अपर चिकित्सा अधीक्षक, डॉ. नीरज कु. श्रीवास्तव ने लोगो को यह बताया की यह मस्तिष्क से संबंधित एक चिकित्सकीय समस्या है, जिसका समय पर और सही उपचार से प्रभावी इलाज संभव है। उन्होंने कहा कि मिर्गी से पीड़ित मरीजों को समाज में समान अधिकार, सम्मान और सहयोग मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की कि मिर्गी के मरीजों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाए। इस मौके कार्यक्रम एसोसिएट प्रोफेसर सह उप-चिकित्सा अधीक्षक डॉ अरुनप्रीत कौर सहित संकाय सदस्य, रोगी एवं उनके तीमारदार लोग मौजूद रहे।


