क्रांतिकारी विरासत से BJP की ओर: कानपुर के कैलाश नाथ शर्मा जल्द थामेंगे भाजपा का दामन

कानपुर: कानपुर के प्रतिष्ठित शर्मा परिवार से जुड़े कैलाश नाथ शर्मा जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता लेने जा रहे हैं। कैलाश नाथ शर्मा महान क्रांतिकारी राम किशोर शर्मा और भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे हरी किशोर शर्मा के भतीजे हैं। ऐसे में उनके राजनीतिक सफर में क्रांति की विरासत और संगठन की पहचान दोनों साफ झलकती है।

“BJP ही एकमात्र पार्टी जहाँ ब्राह्मण समाज सुरक्षित”
BJP में शामिल होने को लेकर कैलाश नाथ शर्मा ने स्पष्ट कहा कि भाजपा ही वह पार्टी है जहाँ ब्राह्मण समाज खुद को सुरक्षित महसूस करता है। उनका कहना है कि पार्टी ने हमेशा समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा है और सर्व समाज को साथ लेकर चलने की नीति अपनाई है।
विधानसभा चुनाव को लेकर जताया भरोसा
कैलाश नाथ शर्मा का दावा है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में भी भाजपा भारी बहुमत से सरकार बनाएगी। उनके बयान में न केवल आत्मविश्वास है, बल्कि संगठन के प्रति स्पष्ट आस्था भी दिखाई देती है।
पहले जनसंपर्क, फिर औपचारिक सदस्यता
कैलाश नाथ शर्मा ने बताया कि वे तुरंत पार्टी की सदस्यता नहीं लेंगे। पहले वे अपने समर्थकों के साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों में बैठकें करेंगे, जमीनी फीडबैक लेंगे और उसके बाद ही औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। उनका मानना है कि मजबूत संगठन के लिए पहले जमीन तैयार करना जरूरी है।

आजादी से पहले से राष्ट्र सेवा की परंपरा
कैलाश के अनुसार उनका परिवार आजादी से पहले से ही राष्ट्र सेवा में सक्रिय रहा है। ताऊ राम किशोर शर्मा नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सहयोगी रहे महान क्रांतिकारी थे, जबकि चाचा हरी किशोर शर्मा पहले जनसंघ और बाद में भाजपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे।
विरासत से वैचारिक वापसी की राजनीति
आज की राजनीति में जहाँ कई नेता परिस्थितियों को देखकर पार्टी बदलते हैं, वहीं कैलाश नाथ शर्मा की यह यात्रा विरासत से वैचारिक वापसी की तरह देखी जा रही है। क्रांति से लेकर संगठन तक, शर्मा परिवार की राजनीतिक यात्रा एक स्पष्ट विचारधारा की ओर इशारा करती है। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि बैठकों के बाद भाजपा की सदस्यता की तारीख क्या तय होती है और इसका राजनीतिक असर कितना व्यापक होगा।

