Wednesday, March 25, 2026
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सौ दिवसीय सघन टीबी अभियान का शुभारम्भ।टीबी मुक्त 47 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को किया गया सम्मानित

बरेली, 24 मार्च। जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता तथा मा0 विधायक बिथरी चैनपुर डॉ0 राघवेन्द्र शर्मा की गरिमामयी उपस्थित में आज विश्व क्षयरोग दिवस पर राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अन्तर्गत सौ दिवसीय सघन टीबी अभियान का शुभारम्भ सम्बन्धी कार्यक्रम कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम में मा0 केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे0पी0 नड्डा द्वारा वर्चुअल रूप से सौ दिवसीय सघन टीबी अभियान का शुभारम्भ किया गया, जिसका लाइव प्रसारण उपस्थित लोगों द्वारा देखा गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी द्वारा गोद लिए गए टीबी रोगियों को पोषण पोटली का वितरण किया गया तथा टीबी मुक्त 47 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को गांधी जी की प्रतिमा और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसमें से 39 को कांस्य, 06 को सिल्वर तथा 02 को गोल्ड की श्रेणी में सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मा0 विधायक जी ने कहा कि हमारी सरकार चाहती है कि भारत टीबी मुक्त राष्ट्र बने। उन्होंने बताया कि टीबी 100 प्रतिशत ठीक होने वाली बीमारी है तथा मात्र फेफड़े की टीबी के अतिरिक्त शरीर के किसी अंग की टीबी एक-दूसरे से फैलती नहीं है। उन्होंने कहा कि टीबी के रोगी की दवाओं को निरंतर लेना है इसे बीच में छोड़ना नहीं चाहिए अन्यथा की स्थिति में परेशानी होगी और रोग मुक्त नहीं हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, कहीं भी ना थूकें वरना संक्रमण फैलेगा। मरीज अपने खानपान का ध्यान रखें तथा प्रोटीन की भरपूर डाइट लें।

जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के उपलक्ष्य में टी0बी0 मुक्त ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को आज सम्मानित किया गया है, मेरी तरफ से ग्राम प्रधानों को हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि टीबी हरेगा-देश जीतेगा। पहले टीबी महामारी के रूप में जानी जाती थी लेकिन अब इस पर बहुत हद तक नियंत्रण पा लिया गया है और यह सभी के सहयोग से सम्भव है।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि जनपद में जोखिम वाली जनसंख्या (60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, पूर्व में टीबी से पीड़ित व्यक्ति, टीबी रोगी के घेरलू सम्पर्क, कुपोषित व्यक्ति, धुम्रपान करने वाले एवं नशा करने वाले व्यक्ति, डायबिटीज, उच्च जोखिम गांव के निवासी, कॉन्ग्रिगेट सेटिंग) में लक्षण (खांसी, बलगम में खून, बुखार, वजन घटना, भूख में कमी, रात को पसीना आना, सीने में दर्द, साँस लेने में तकलीफ एवं गर्दन में गाँठ) के आधार पर स्क्रीनिंग की जायेगी। जाँच के उपरान्त टीबी की पुष्टि होने पर क्षय निरोधी औषधि दी जायेंगी तथा टीबी की पुष्टि न होने पर टीबी से बचाव हेतु टीबी प्रीवेन्टिव थेरेपी भी दी जायेगी।

उन्होंने बताया कि टीबी मुक्त पंचायत कार्यक्रम के अन्तर्गत किसी भी पंचायत को टीबी मुक्त घोषित करने हेतु भारत सरकार द्वारा विभिन्न मानदंड लागू किये गये है जो कि निम्नवत् है- प्रति 1000 की जनसंख्या पर 30 जांचे होना, प्रति 1000 की जनसंख्या पर 01 रोगी या उससे कम, ग्राम पंचायत की उपचार सफलता दर (01 वर्ष पूर्व की) 85 प्रतिशत से अधिक हो, ग्राम पंचायत में उपचार ले रहे क्षय रोगियों का यू०डी०एस०टी० 60 प्रतिशत से अधिक हो, समस्त उपचारित क्षय रोगियों में 50 प्रतिशत क्षय रोगियों को निक्षय पोषण योजना के अन्तर्गत प्रथम किस्त का लाभ प्रदान किया गया हो। (वर्ष 2025 हेतु) एवं समस्त उपचारित क्षय रोगियों को निक्षय मित्रों के द्वारा गोद दिलाया गया हो।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, अपर निदेशक स्वास्थ्य, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 विश्राम सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी, ग्राम प्रधानगण व क्षयरोगी उपस्थित रहे।

बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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