झारखंड विधानसभा सत्र: मनरेगा बदलावों पर कांग्रेस का आक्रामक रुख, केंद्र के 60:40 फार्मूले के खिलाफ सदन में घेराबंदी की तैयारी

रांची। झारखंड विधानसभा के आगामी बजट सत्र को लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी ने तय किया है कि सत्र के दौरान विपक्ष के आरोपों का तथ्यों के साथ जवाब दिया जाएगा और केंद्र सरकार की नीतियों को मजबूती से चुनौती दी जाएगी। मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की अध्यक्षता में हुई विधायक दल की बैठक में इस रणनीति को अंतिम रूप दिया गया।
मनरेगा में बदलाव पर भाजपा को घेरेगी कांग्रेस
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कांग्रेस मनरेगा में किए गए हालिया बदलावों को बड़ा मुद्दा बनाएगी। विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा जैसी गरीबों और पिछड़ों के लिए जीवनरेखा मानी जाने वाली योजना के स्वरूप को कमजोर किया है। उनका आरोप है कि इन बदलावों से जरूरतमंद वर्ग को सीधा नुकसान पहुंच रहा है।
केंद्र के 60:40 अनुपात का होगा विरोध
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 60:40 के फंडिंग अनुपात को लागू कर राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया है। इसे राज्यों के हितों के खिलाफ बताया गया और तय किया गया कि विधानसभा सत्र में इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का कड़ा विरोध किया जाएगा।

बजट सत्र को लेकर व्यापक रणनीति पर चर्चा
बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं ने बताया कि विधायक दल की बैठक में बजट सत्र के एजेंडे पर विस्तृत चर्चा हुई। राज्य के समग्र विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सामाजिक न्याय को मजबूत करने और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने पर सहमति बनी। कांग्रेस ने सत्र के दौरान अपनी भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प दोहराया।
सरकार का फोकस अंतिम व्यक्ति तक विकास
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास और पंचायती राज से जुड़ी योजनाओं को जमीनी स्तर पर और प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


