गोंडा में अपहृत मौरंग व्यापारी सकुशल बरामद, तीन दिन बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर

गोंडा जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र से अपहृत मौरंग व्यापारी को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। हालांकि घटना के तीन दिन बाद भी मामले का मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस ने व्यापारी को देर रात छपिया थाना क्षेत्र के मसकनवा गौशाला तिराहा के पास से बरामद किया। मामले में पुलिस जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

दोस्त ने पार्टी के बहाने बुलाया, रास्ते में हुआ अपहरण
नवाबगंज थाना क्षेत्र के पहली गांव निवासी 35 वर्षीय मौरंग व्यापारी अंकित कुमार यादव ने बताया कि 2 मार्च को उनके दोस्त विकास मिश्रा ने नई थार गाड़ी खरीदने की खुशी में उन्हें पार्टी के लिए बुलाया था। अंकित उसके साथ गाड़ी में बैठकर निकले। उन्हें फैजाबाद जाना था, लेकिन आरोपी उन्हें परशुरामपुर की दिशा में ले गए।
रास्ते में कुछ लोग असलहा लेकर गाड़ी में सवार हो गए और खुद को यूपी एसटीएफ का अधिकारी बताते हुए अंकित का अपहरण कर लिया। बदमाशों ने उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी और हाथ भी बांध दिए।
दो दिन तक बंधक बनाकर रखा, मारपीट का भी आरोप
पीड़ित अंकित के अनुसार बदमाशों ने करीब दो दिन तक उन्हें बंधक बनाकर रखा। इस दौरान आंखों पर पट्टी बांधकर उन्हें अलग-अलग स्थानों पर घुमाया गया और असलहा सटाकर जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उनके साथ मारपीट भी की, जिससे उनके सिर और आंख में चोट आई।
पहले 2 लाख लिए, फिर 3 लाख की और मांग
अपहरणकर्ताओं ने पहले 2 लाख रुपये की फिरौती मांगी। अंकित ने किसी तरह रिश्तेदारों और दोस्तों से पैसे जुटाकर 2 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए, लेकिन इसके बाद भी बदमाश उन्हें छोड़ने को तैयार नहीं हुए और अतिरिक्त 3 लाख रुपये की मांग करने लगे।
जब अंकित ने असमर्थता जताई तो आरोपियों ने धमकी दी कि यदि प्रशासन को सूचना दी गई तो उन्हें और उनके बच्चों को जान से मार दिया जाएगा। आरोप है कि बदमाशों ने अंकित के हाथ में असलहा देकर उनकी फोटो भी खींची और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।

परिजनों की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
किसी तरह एक दोस्त के मोबाइल से परिजनों को सूचना देने के बाद अंकित की पत्नी सुशीला यादव ने नवाबगंज थाने में तहरीर दी। पुलिस ने पांच अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि परिजनों का आरोप है कि बरामदगी के बाद दर्ज मुकदमे में घटना के सभी तथ्यों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है।
तीन दिन बाद भी मुख्य आरोपी फरार
मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस अब तक अंकित के दोस्त विकास मिश्रा और खुद को एसटीएफ अधिकारी बताने वाले अन्य आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। अपहरण से छूटने के बाद अंकित ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि आरोपी दोबारा वारदात कर सकते हैं, जिससे उनका परिवार दहशत में है।
पांच टीमें लगाकर की गई तलाश
अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। अंकित की सकुशल बरामदगी के लिए एसओजी और सर्विलांस सहित पांच टीमें लगाई गई थीं।
पुलिस ने छपिया थाना क्षेत्र के मसकनवा इलाके से अंकित को बरामद कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
