महात्मा ज्योतिबा फुले की 199वीं जयंती की पूर्व संध्या पर विचार गोष्ठी एवं पुस्तक विमोचन का आयोजन

बरेली,11अप्रैल। महात्मा ज्योतिबा रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली के केंद्रीय पुस्तकालय स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले शोधपीठ के निर्देशन में कमेटी हॉल में महात्मा ज्योतिबा फुले जी की 199वीं जयंती की (पूर्व संध्या) पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह जी ने की।

इस अवसर पर महात्मा ज्योतिबा फुले शोधपीठ के समन्वयक डॉ. सुरेश कुमार एवं डॉ. कामिनी विश्वकर्मा द्वारा लिखित पुस्तक “Mahatma Jyotiba Phule: A Great Nation Builder” का विमोचन माननीय कुलपति प्रो. के.पी. सिंह एवं कुलसचिव श्री हरिशचंद्र जी ने संयुक्त रूप से किया।
माननीय कुलपति प्रो. के.पी. सिंह जी ने अपने संबोधन में महात्मा ज्योतिबा फुले के समाज एवं राष्ट्र के विकास में किए गए अतुलनीय योगदानों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने उस दौर में मजदूरों, कृषकों एवं स्त्री शिक्षा के उत्थान के लिए आवाज उठाई, जब लोकतंत्र का अस्तित्व नहीं था। उनके संघर्षों का प्रतिफल आज पूरा समाज प्राप्त कर रहा है। उन्होंने विधवा विवाह, बालगृह और सामाजिक समानता की वकालत की, जब शिक्षा सर्वसुलभ नहीं थी। कुलपति जी ने कहा कि महात्मा फुले ने जो कुछ भी किया, वह सब मानवता के कल्याण के लिए किया।
शोधपीठ के समन्वयक डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने भारत में लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की मजबूत नींव रखी। उन्होंने सत्यशोधक समाज का गठन कर समाज के उस वर्ग को जागृत किया, जो अपने अधिकारों के लिए कुछ भी बोलने में असमर्थ था। डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले अधिकारविहीन मानवता की सशक्त आवाज थे।

कार्यक्रम का सफल संचालन श्री हरिमोहन वर्मा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कामिनी विश्वकर्मा ने किया।
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के प्रो. सुधीर वर्मा, डॉ. प्रेमपाल सिंह, डॉ. पवन कुमार सिंह, डॉ. सुभाष चन्द्रा, डॉ. विनीता जैन (उप ग्रंथपाल), डॉ. रुचि द्विवेदी, श्री तपन वर्मा, सुधांशु शर्मा, पुस्तकालय के सभी कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
