SCImago इंस्टिट्यूशन्स रैंकिंग 2026 में महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय की उल्लेखनीय उपलब्धि

बरेली, 05 मार्च। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय,बरेली ने वैश्विक स्तर की प्रतिष्ठित SCImago इंस्टिट्यूशन्स रैंकिंग 2026 में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी शैक्षणिक एवं शोध क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। इस रैंकिंग में विश्वविद्यालय को उत्तर प्रदेश में 5वां स्थान, भारत में 274वां स्थान (500 संस्थानों/विश्वविद्यालयों में से) तथा वैश्विक स्तर पर 8813वीं रैंक प्राप्त हुई है।
विश्वविद्यालय की यह सफलता महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन, राजभवन के अधिकारियों के सहयोग तथा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के. पी. सिंह के नेतृत्व में संभव हो सकी है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह उपलब्धि शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों तथा गुणवत्तापूर्ण शोध और नवाचार को बढ़ावा देने की निरंतर प्रतिबद्धता का परिणाम है।
SCImago इंस्टिट्यूशन्स रैंकिंग 2026 में विश्वविद्यालय के प्रदर्शन को उसके पर्सेंटाइल स्कोर भी स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। विश्वविद्यालय ने ओवरऑल पर्सेंटाइल में 82वां स्थान प्राप्त किया है, जो समग्र रूप से संस्थान की बेहतर अकादमिक और शोध गतिविधियों को दर्शाता है। शोध (Research) के क्षेत्र में विश्वविद्यालय ने 71वां पर्सेंटाइल प्राप्त किया है, जो स्कॉलरली पब्लिकेशन्स, साइटेशन इम्पैक्ट तथा अकादमिक उत्पादकता में निरंतर वृद्धि को रेखांकित करता है।

इसी प्रकार नवाचार (Innovation) के क्षेत्र में विश्वविद्यालय ने 89वां पर्सेंटाइल प्राप्त किया है, जो टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, पेटेंट, उद्योगों के साथ सहयोग तथा एप्लाइड रिसर्च के क्षेत्र में बढ़ते योगदान को प्रदर्शित करता है। वहीं सामाजिक प्रभाव (Societal Impact) के क्षेत्र में विश्वविद्यालय को 59वां पर्सेंटाइल प्राप्त हुआ है, जो सामाजिक सरोकारों, सामुदायिक कार्यक्रमों, आउटरीच गतिविधियों और जनसहभागिता में विश्वविद्यालय की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है।
गौरतलब है कि SCImago इंस्टिट्यूशन्स रैंकिंग विश्वभर के शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों का मूल्यांकन एक समेकित सूचकांक के आधार पर करती है। इसमें रिसर्च (50 प्रतिशत), इनोवेशन (30 प्रतिशत) और सोसाइटल इम्पैक्ट (20 प्रतिशत) जैसे प्रमुख मानकों को शामिल किया जाता है। यह मूल्यांकन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त बिब्लियोमेट्रिक डेटा और वेब परफॉर्मेंस संकेतकों के आधार पर किया जाता है, जिससे संस्थानों की वास्तविक शैक्षणिक और सामाजिक प्रभावशीलता का आकलन किया जा सके।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह उपलब्धि संस्थान द्वारा शोध की गुणवत्ता को बढ़ाने, अंतःविषयक सहयोग को सुदृढ़ करने, नवाचार आधारित पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने तथा वैश्विक अकादमिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का परिणाम है। विश्वविद्यालय में विभिन्न शोध परियोजनाओं, उद्योग–अकादमिक सहयोग और नवाचार गतिविधियों को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में दिखाई दे रहा है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के. पी. सिंह ने विश्वविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि सभी शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के सामूहिक परिश्रम और समर्पण का परिणाम है। लखनऊ ट्रिब्यून से विशेष साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि “SCImago इंस्टिट्यूशन्स रैंकिंग 2026 में मिली यह सफलता हमारे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि हमें उच्च गुणवत्ता वाले शोध, नवाचार और समाजोन्मुखी गतिविधियों को और अधिक गति देने के लिए प्रेरित करती है। हमारा प्रयास रहेगा कि महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट शैक्षणिक और शोध संस्थानों की श्रेणी में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करे।” उन्होंने कहा कि
SCImago इंस्टिट्यूशन्स रैंकिंग 2026 में प्राप्त इस उपलब्धि के साथ महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि वह ज्ञान के संवर्धन, नवाचार को प्रोत्साहन तथा समाज के समग्र विकास में योगदान देने के अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध रहेगा।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
