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रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के रिटायर्ड प्रोफेसर. बी .आर. कुकरेती को मिला एमिनेंट टीचर एजुकेटर अवार्ड

बरेली, 14 मार्च। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली के शिक्षा एवं सहबद्ध विज्ञान संकाय के पूर्व संकायाध्यक्ष प्रोफेसर बी आर कुकरेती को उनके द्वारा पिछले 40 वर्षों में अध्यापक शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए ” एमिनेंट टीचर एजुकेटर अवार्ड “ प्रदान किया गया है।
यह अवार्ड सिक्किम की राजधानी गंगटोक में 12-13 मार्च 2026 को आयोजित इंडियन एसोसिएशन ऑफ़ टीचर एजुकेटर्स (आई.ए.टी. इ) की 58वीं एनुअल नेशनल कांफ्रेंस केअवसर पर सिक्किम के शिक्षा , विधि, संसदीय कार्य, खेल एवं युवा मामलों के कैबनेट मंत्री श्री राजू बस्नेत , सिक्किम केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर शांतनु कुमार स्वैन, मौलाना आजाद नेशनल उर्दू विश्वविद्यालयके पूर्व कुलपति प्रोफेसर मोहम्मद मियां एवं आई.ए.टी. इ. की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर अनीता रस्तोगी के द्वारा प्रदान कियागया ।इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए हुए 100 से अधिक शिक्षाविद उपस्थित थे । यह अवार्ड इंडियन एसोसिएशन ऑफ़ टीचर एजुकेटर्स केद्वारा प्रतिवर्ष देश में अध्यापक शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं केलिए “लाइफटाइम अचीवमेंटअवार्ड “ के रूप में देश के चयनित 3 से 4 विशिष्ट शिक्षाविदों को प्रदान किया जाता है।
उत्तराखंड राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले में बरसूड़ी गांव में जन्मे प्रोफेसर बी आर कुकरेती ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वालविश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल से गोल्ड मेडल के साथ एम.एड डिग्री तथा महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालयबरेली से शिक्षा शास्त्र विषय में पी-एचडी की डिग्री प्राप्त की।पिछले 40 वर्षों में उन्होंने अध्यापक शिक्षा के क्षेत्र में बरेली कॉलेज बरेली, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर तथा महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली में अपनी सेवाएं प्रदान की हैं।
प्रोफेसर कुकरेती ने महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली में शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष, शिक्षा एवं सहबद्ध विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष, कोऑर्डिनेटर आइ. क्यू. ए. सी, कोऑर्डिनेटर नेक स्टीयरिंग कमेटी तथा चीफप्रॉक्टर सहित कई अन्य महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया।2019 में महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय द्वाराआयोजित उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा में उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑर्डिनेटर के रूप में 6 लाख से अधिक अभ्यर्थीयो कीप्रवेश परीक्षा सुचारू से करवाने में प्रोफेसर कुकरेती की महत्वपूर्ण भूमिका थी। 2019 में उन्हें भारत के महामहिम राष्ट्रपति द्वारा 3 वर्षों के लिए असम विश्वविद्यालय सिलचर के प्लानिंग बोर्ड में विजिटर्स नॉमिनी के रूप में तथा 2020 में एन.सी.ई.आर.टी. एग्जीक्यूटिव कमेटी में सदस्य के रूप मेंनामित किया गया। 2021 में  भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा उन्हें दयालबाग इंस्टीट्यूट आफ एजुकेशन (डीम्डयूनिवर्सिटी )आगरा  की गर्वनिंग बॉडी में अपने प्रतिनिधि के रूपमें नामित किया गया। शोध के क्षेत्र में भी प्रोफेसर कुकरेती ने विशेष योगदान दिया है उनके निर्देशन में अब तक 25 पी- एचडी शोधार्थियों को पी-एचडी डिग्री प्राप्त हो चुकी है तथा चार शोधार्थी अभी भी उनके निर्देशन में कार्य कर रहे हैं। प्रोफेसर कुकरेती ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में 80 से ज्यादा शोध पत्र प्रकाशित किए हैं तथा वह 150 से भी अधिकराष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सेमिनार /कॉन्फ्रेंसेज में प्रतिभागी अथवा  विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रतिभाग कर चुके हैं। वर्तमानमें भी वह विभिन्न संगठनों एवं संस्थाओं के साथ मिलकर उच्चशिक्षा एवं अध्यापक शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता लाने के लिए अपना योगदान प्रदान कर रहे हैं।
यह अवार्ड मिलने पर प्रोफेसर कुकरेती को महात्मा ज्योतिबा फूले रुहेलखंड विश्वविद्यालय सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह, कुलसचिव श्री हरीश चंद एवं शिक्षकों, विशिष्ट व्यक्तियों , शोध छात्रों ने बधाई दी।प्रोफेसर कुकरेती ने बताया कि यह अवार्ड मिलने पर वह गौरवनित महसूस कर रहे हैं तथा उन्होंने इंडियन एसोसिएशनऑफ़ टीचर एजुकेटर्स को उन्हें यह अवार्ड दिए जाने हेतु धन्यवाद दिया है एवं आभार व्यक्त किया है।

बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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