बाल विवाह के खिलाफ समाज ने भरी हुंकार, जागरूकता कार्यक्रम में दिलाई गई कुप्रथा समाप्त करने की शपथ

रायबरेली: समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से 09 जनवरी 2026 को एक व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आमजन को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए इसे जड़ से खत्म करने का संदेश दिया गया।
बाल विवाह: कानूनन अपराध और बच्चों के भविष्य पर खतरा
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को बताया गया कि बाल विवाह केवल सामाजिक बुराई ही नहीं, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है। यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में गंभीर बाधा उत्पन्न करता है। आमजन को बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई।
सूचना देना हर नागरिक की जिम्मेदारी
लोगों को यह भी अवगत कराया गया कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो संबंधित विभाग या हेल्पलाइन पर तत्काल जानकारी देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है, ताकि समय रहते ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

शपथ, पंपलेट और संवाद से फैलाई जागरूकता
कार्यक्रम में शपथ ग्रहण, पंपलेट वितरण, जागरूकता संदेश और संवाद के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि वे अपने आसपास बाल विवाह जैसी किसी भी गतिविधि को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं और एक सुरक्षित व सशक्त समाज के निर्माण में सहयोग करें।

अधिकारियों व विशेषज्ञों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर सदस्य बाल कल्याण समिति मिलिंद द्विवेदी, संरक्षण अधिकारी वीरेंद्र पाल, हब से जिला मिशन कोऑर्डिनेटर शेफाली सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट पूजा तिवारी, चाइल्ड हेल्पलाइन से प्रमोद सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहा। वहीं एएचटी थाना से इंस्पेक्टर प्रताप सिंह, दया शंकर सिंह, आरक्षी टीटू गौतम समेत अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल रहे।

टोल फ्री नंबरों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में नागरिकों को विभिन्न टोल फ्री नंबरों 181, 1090, 1098, 112, 1076 की जानकारी दी गई और बताया गया कि हो रहे बाल विवाह की सूचना तत्काल इन नंबरों पर दें। इसके साथ ही महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाओं की भी जानकारी साझा की गई।
सामूहिक संकल्प से मजबूत संदेश
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता की और बाल विवाह के विरुद्ध जागरूक रहने तथा इसे रोकने के लिए सदैव सतर्क रहने का संकल्प लिया।

