Tuesday, March 24, 2026
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रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के प्लांट साइंस विभाग द्वारा भुता के गांव मियूड़ी खुर्द में किसानों को ओयस्टर मशरूम कल्टीवेशन का प्रशिक्षण दिया गया

बरेली, 23 मार्च। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के प्लांट साइंस विभाग एवं जीएफई इंटरप्राइजेज के संयुक्त तत्वाधान में थाना भुता के गांव मियूड़ी खुर्द में कल मशरूम कल्टीवेशन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्लांट साइंस के एसोसिएट प्रोफेसर,मशरूम विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षक डॉ विजय कुमार सिन्हाल ने बताया कि महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह के दिशा निर्देशन में स्वरोजगार को प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रशिक्षण शिविर की श्रृंखला में यह शिविर लगाया गया। गांव मियूड़ी खुर्द के निवासी एवं प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक श्री कृष्ण पाल सिंह,जो कि प्रगतिशील किसान भी है के प्रयासों एवं तत्परता से ग्रामीणों को एकत्र किया गया। प्रशिक्षण शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट श्री राजमणि सिंह उपस्थित रहे।उन्होंने ग्रामीणों को भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के विषय में जागृत किया। डॉ विजय कुमार सिन्हाल ने ग्रामीणों को प्रशिक्षण देने के साथ ही ओयस्टर मशरूम के बाजार एवं उनसे बनने वाले विभिन्न उत्पादों की विस्तार से जानकारी दी। डॉ सिन्हाल ने बताया कि वह पिछले 8 वर्षों से किसानों को ओयस्टर मशरूम का बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं। वर्तमान समय में ओयस्टर मशरूम का बाजार उपलब्ध कराने में उन्हें काफी सफलता मिली है जिसके फलस्वरुप आयस्टर मशरूम सब्जी मंडी में 120 से 150 रुपए प्रति किलो के भाव से बिक रहा है। जबकि इसे उगाने में 10 से ₹15 प्रति किलो का खर्च ही आता है। इससे किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। उनके लगातार प्रयासों से कई सारी कंपनियां ओयस्टर मशरूम को खरीदने के लिए आगे आई हैं ।जिनमें जी एफ ई एंटरप्राइजेज प्रमुख है। प्रशिक्षण शिविर में किसानों को आश्वासन दिया गया कि उनके द्वारा उगाया गया मशरूम खरीद लिया जाएगा। प्रशिक्षण शिविर में सभी ग्रामीणों द्वारा ओयस्टर मशरूम के बैग बनाए गए। ओयस्टर मशरूम के इन बैगों को शिक्षक कृष्ण पाल जी के माध्यम से ग्रामीणों को मुफ्त में वितरित किया गया जिससे कि वह मशरूम उगाने के लिए प्रेरित हो सके। प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने में कृष्ण पाल सिंह,दिलीप पटेल, पूर्व प्रधान भगवान दास, प्रताप सिंह फौजी, रघुराज सिंह, शिवदत्त सिंह, महेश सिंह, गजेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, ओंकार, विशेष पटेल, मुंशीलाल,नौबत सिंह, ताराचंद, व जंग बहादुर सिंह का विशेष योगदान रहा। बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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