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‘डाक सेवा,जन सेवा’ के तहत डाक सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुँचाने के लिए पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने शुरू किया ‘पोस्टल वॉरियर अभियान’

इंडिया पोस्ट नवीनतम तकनीकों को अपनाते हुए डिजिटल पहल और आधुनिक सेवाओं के माध्यम से नागरिकों के अनुभव को निरंतर बेहतर बना रहा है। जनसेवा को केंद्र में रखते हुए डाक विभाग पारंपरिक डाक सेवाओं से आगे बढ़कर आज वित्तीय समावेशन, लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स सहयोग और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्रों में एक विश्वसनीय संस्था के रूप में स्थापित हो चुका है। इस उन्नयन के साथ डाकघर काउंटरों तथा शाखा डाकघरों में होने वाले लेन-देन अब पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और कुशल हो गए हैं, जो माननीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के संदेश— “डाक सेवा, जन सेवा” को साकार करते हैं।

इस तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाते हुए, उत्तर गुजरात परिक्षेत्र, अहमदाबाद के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने सितंबर 2025 में शाखा डाकघर स्तर पर “पोस्टल वॉरियर” नामक एक अभिनव अभियान शुरू किया, जिसे फरवरी 2026 में उप डाकघर और प्रधान डाकघरों तक भी विस्तारित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को डाक नेटवर्क से जोड़ना तथा अंतिम छोर तक व्यावसायिक अवसरों का लाभ उठाकर वित्तीय समावेशन भी सुनिश्चित करना है। इस पहल का लक्ष्य उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के सभी शाखा डाकघरों को सक्रिय करना और सेवाओं की पहुँच को व्यापक बनाना भी है, जिससे अंततः डाक विभाग के राजस्व में भी वृद्धि होती है। हाल ही में “ब्यूरोक्रेट्स ऑफ इंडिया: टॉप 25 चेंजमेकर्स 2025” की सूची में शामिल श्री कृष्ण कुमार यादव को तकनीक और नागरिक-केंद्रित पहलों के माध्यम से अंतिम छोर तक प्रशासन को आधुनिक बनाने के लिए जाना जाता है। समावेशी शासन को सुदृढ़ करने से लेकर सार्वजनिक सेवा वितरण में प्रौद्योगिकी के प्रभावी एवं नवाचारपूर्ण उपयोग तक, पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने नागरिकों के जीवन में सकारात्मक एवं स्थायी परिवर्तन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इस अभियान के तहत, ‘पोस्टल वॉरियर्स’ की चार श्रेणियां निर्धारित की गई हैं – सिल्वर वॉरियर, गोल्ड वॉरियर, डायमंड वॉरियर और प्लेटिनम वॉरियर। शाखा डाकघर 100 अंक प्राप्त करने पर ‘सिल्वर वॉरियर’, 250 अंक पर ‘गोल्ड वॉरियर’, 500 अंक पर ‘डायमंड वॉरियर’ तथा 1000 अंक प्राप्त करने पर ‘प्लेटिनम वॉरियर’ के रूप में घोषित किए जाते हैं। जितना अधिक जुड़ाव और व्यवसाय होगा, उसी के अनुसार पोस्टल वॉरियर की श्रेणी में उच्च स्थान प्राप्त होगा। शाखा डाकघरों का मूल्यांकन चार प्रमुख व्यावसायिक मानकों के आधार पर किया जाता है, जिनमें बचत खाते खोलना, डाक जीवन बीमा/ग्रामीण डाक जीवन बीमा का प्रारंभिक प्रीमियम संग्रह, स्पीड पोस्ट एवं पार्सल बुकिंग तथा इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का व्यवसाय शामिल है। इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक नई व्यावसायिक गतिविधि के लिए बिजनेस पॉइंट्स निर्धारित किए गए हैं। एक डाकघर बचत बैंक खाता खोलने पर 1 अंक, ₹600 के पीएलआई/ आरपीएलआई प्रारंभिक प्रीमियम पर 1 अंक, एक स्पीड पोस्ट या पार्सल बुकिंग पर 1 अंक, तथा एक आईपीपीबी व्यवसाय पर भी 1 अंक प्रदान किया जाता है। इन मानकों के अंतर्गत न्यूनतम व्यवसाय सुनिश्चित करने वाले शाखा डाकघरों को पोस्टल वॉरियर घोषित किया जाता है।

उत्तर गुजरात परिक्षेत्र, अहमदाबाद में कुल 2,258 डाकघर हैं, जिनमें 09 प्रधान डाकघर, 344 उप डाकघर और 1905 शाखा डाकघर कार्यरत हैं। यहाँ 06 डाक मंडल शामिल हैं – अहमदाबाद, गांधीनगर, साबरकांठा, महेसाणा, पाटन और बनासकांठा तथा 01 रेलवे मेल सर्विस “एएम” मंडल। पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि सभी मण्डलाध्यक्षों, उपमंडल प्रमुखों और शाखा डाकपालों के सहयोग से उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के सभी 1905 शाखा डाकघरों को सफलतापूर्वक सक्रिय करते हुए न्यूनतम 100 व्यावसायिक अंक प्राप्त कर “सिल्वर पोस्टल वॉरियर” घोषित किया गया है। इसके अतिरिक्त मार्च मध्य तक 1000 से अधिक शाखा डाकघर ‘गोल्ड वॉरियर’, 125 शाखा डाकघर ‘डायमंड वॉरियर’ तथा 20 शाखा डाकघर ‘प्लेटिनम वॉरियर’ के रूप में घोषित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही, उत्तर गुजरात क्षेत्र के सभी मंडलों को ‘सिल्वर वॉरियर’ घोषित किया गया है, जबकि अहमदाबाद और पाटन मंडल ने ‘गोल्ड वॉरियर’ श्रेणी भी हासिल की है।

गौरतलब है कि, उत्तर गुजरात परिक्षेत्र ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी तक तक कुल ₹206 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त किया है, पिछले वर्ष की तुलना में कुल राजस्व में 21% की वृद्धि हासिल की है। पहली बार फरवरी 2026 तक डाकघर बचत बैंक का राजस्व ₹100 करोड़ को पार कर गया है, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में डाक विभाग की भूमिका को और मजबूत करता है। वर्तमान में उत्तर गुजरात परिक्षेत्र में 43 लाख डाकघर बचत बैंक खाते और 8.90 लाख आईपीपीबी खाते संचालित हैं, जबकि इस वित्तीय वर्ष में 8.25 लाख नए डाकघर बचत बैंक खाते और 1.5 लाख आईपीपीबी खाते खोले गए हैं। डाक जीवन बीमा व ग्रामीण डाक जीवन बीमा में ₹272 करोड़ की कुल प्रीमियम राशि जमा हुई है। साथ ही 1.85 करोड़ स्पीड पोस्ट एवं पार्सल बुकिंग की गई हैं। डाकघरों के माध्यम से लगभग 3.15 लाख लोगों ने और आईपीपीबी के माध्यम से 96,000 से अधिक लोगों ने आधार सेवाओं का लाभ लिया। लगभग 56 हजार पासपोर्ट आवेदन डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र के माध्यम से संसाधित किए गए हैं। अब तक उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के 1100 गांवों को ‘संपूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम’, 713 गांवों को ‘संपूर्ण बीमा ग्राम’ तथा 350 गांवों को ‘संपूर्ण बचत ग्राम’ घोषित किया जा चुका है।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि विकसित भारत के विज़न को साकार करने में इंडिया पोस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका है। डिजिटल इंडिया, वित्तीय समावेशन तथा कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने जैसी प्रमुख राष्ट्रीय पहलों को समर्थन देते हुए, इंडिया पोस्ट में एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी (एपीटी) 2.0 का क्रियान्वयन डाक सेवाओं के आधुनिकीकरण तथा कार्यकुशलता, पारदर्शिता और अंतिम छोर तक सेवा वितरण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि “डाक चौपाल” जैसी पहल का उद्देश्य समाज के अंतिम छोर तक आवश्यक सरकारी एवं नागरिक-केंद्रित सेवाओं को पहुंचाना है।

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