यूपी को चार साल बाद मिलेगा पूर्णकालिक डीजीपी, केंद्र को भेजा पैनल, यह नाम सबसे आगे

उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को संभालने वाले पुलिस महकमे के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पिछले चार वर्षों से ‘कार्यवाहक’ डीजीपी के भरोसे चल रहे देश के सबसे बड़े राज्य को अब जल्द ही अपना पूर्णकालिक डीजीपी (स्थाई पुलिस महानिदेशक) मिलने वाला है। उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने नए डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज करते हुए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का एक पैनल संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेज दिया है। इस पैनल में चार अधिकारियों का नाम है। हालांकि सबसे अंतिम नाम पर ही मुहर लगनी तय मानी जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बढ़ी सक्रियता
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों सभी राज्यों को कड़े निर्देश दिए थे कि डीजीपी जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण पद पर कार्यवाहक नियुक्तियों के बजाय पूर्णकालिक नियुक्तियां की जाएं। इसी क्रम में यूपी सरकार ने अब 1990 से 1996 बैच के उन आईपीएस अधिकारियों की सूची तैयार की है, जिन्होंने सेवा के 30 वर्ष पूरे कर लिए हैं। बता दें कि साल 2022 के बाद से यूपी में कोई भी स्थाई डीजीपी नहीं रहा है। वर्तमान में राजीव कृष्ण प्रदेश के पांचवें कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
रेणुका मिश्रा से लेकर राजीव कृष्ण तक: वरिष्ठता का गणित
UPSC को भेजी गई सूची में वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर बड़े नाम शामिल हैं। वरिष्ठता क्रम में 1990 बैच की रेणुका मिश्रा का नाम पहले स्थान पर है। वहीं, 1991 बैच के अधिकारी भी इस दौड़ में मजबूती से बने हुए हैं। सूची के अनुसार:
रेणुका मिश्रा (1990 बैच): वरिष्ठता सूची में सबसे ऊपर।
आलोक शर्मा (1991 बैच): वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर, दूसरे स्थान पर।

पीयूष आनंद (1991 बैच): केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात, तीसरे स्थान पर।
राजीव कृष्ण (1991 बैच): वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी, चौथे स्थान पर।
राजीव कृष्ण का नाम सबसे आगे क्यों?
पुलिस गलियारों और प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण का नाम पूर्णकालिक डीजीपी की रेस में सबसे आगे है। इसके पीछे मुख्य कारण उनका वर्तमान में प्रदेश की कमान संभालना और कानून-व्यवस्था पर उनकी पकड़ माना जा रहा है। चूंकि आलोक शर्मा और पीयूष आनंद वर्तमान में केंद्र में बड़ी जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं, ऐसे में राज्य सरकार राजीव कृष्ण के नाम पर ही मुहर लगा सकती है।
UPSC तय करेगा तीन नामों का पैनल
नियमों के मुताबिक, राज्य सरकार द्वारा भेजी गई सूची पर विचार करने के बाद UPSC तीन अधिकारियों का एक पैनल वापस राज्य सरकार को भेजेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन तीन नामों में से किसी एक को उत्तर प्रदेश का अगला पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त करेंगे। इस नियुक्ति से न केवल पुलिस महकमे में स्थिरता आएगी, बल्कि आने वाले समय में होने वाली बड़ी चुनौतियों और सुरक्षा व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
