Top Newsउत्तर प्रदेशराज्यलखनऊ

बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने किया पूर्व छात्र- छात्राओं (Alumni) से संवाद

लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र-छात्राओं (एलुमनी) के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने विभिन्न विभागों से शिक्षा प्राप्त कर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों एवं विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत एलुमनी से संवाद किया। इस अवसर पर डीन ऑफ अकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस.विक्टर बाबू, प्रॉक्टर प्रो. राम चंद्रा, विश्वविद्यालय एलुमनी एसोसिएशन के चेयरपर्सन प्रो. डी.आर. मोदी, डीएसडब्ल्यू प्रो. नरेंद्र कुमार, आईक्यूएसी डॉयरेक्टर प्रो. शिल्पी वर्मा एवं अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय के लिए उसके पूर्व छात्र- छात्रायें (एलुमनी) ब्रांड एम्बेसडर एवं ध्वज वाहक के समान होते हैं, जो विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, मूल्यों एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता को आम जनमानस तक पहुँचाने का कार्य करते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय से जुड़े पूर्व विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे विश्वविद्यालय से निरंतर जुड़े रहें तथा शोध, प्लेसमेंट, नवाचार, करियर काउंसलिंग, सेमिनार, कार्यशालाओं एवं अन्य अकादमिक एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से विश्वविद्यालय की प्रगति में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। कुलपति ने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का स्वप्न एक ऐसे समतामूलक समाज का निर्माण करना था, जहाँ कोई भी व्यक्ति हाशिये पर न रहे और ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना साकार हो। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों एवं पूर्व छात्र-छात्राओं के माध्यम से विकसित भारत–2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करेगा।

कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने एलुमनी से विश्वविद्यालय से जुड़ी उनकी शैक्षणिक यात्रा, वर्तमान कार्यक्षेत्र एवं व्यावसायिक अनुभवों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। संवाद के दौरान विश्वविद्यालय में संचालित शैक्षणिक, शोध एवं विकासात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा की गई। कुलपति जी ने एलुमनी से विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास, नवाचार, शोध, प्लेसमेंट एवं सामाजिक सरोकारों में सक्रिय सहयोग करने का आह्वान किया तथा हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों से शिक्षा प्राप्त कर वर्तमान में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत पूर्व छात्र- छात्राओं के साथ संवाद किया गया। इनमें सांख्यिकी विभाग से वर्ष 2018 में पीएचडी करने वाले और वर्तमान में हरीश चंद्र पीजी कॉलेज, वाराणसी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत डॉ. सुमित कुमार, पर्यावरण विज्ञान विभाग से वर्ष 2015 में एम.एस.सी. करने वाले और वेमेगा प्राइवेट लिमिटेड, लखनऊ के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अमित कुमार गौतम, सीएसआइआर- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च, लखनऊ में सीनियर साइंटिस्ट के पद पर कार्यरत बीबीएयू के पूर्व छात्र डॉ. आशीष द्विवेदी, वर्ष 2011 में विधि विभाग से पासआउट एवं लखनऊ के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट श्री बलवंत कुमार भारती और वर्ष 2011 में विधि विभाग से ही पासआउट एवं सीतापुर के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट श्री विजय भान, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से वर्ष 2017 में एम.ए. पूर्ण करने वाले एवं दैनिक जागरण, मुरादाबाद के सिटी इंचार्ज श्री अनुज मिश्र, वर्ष 2018 में हिन्दी विभाग से एम.ए. करने वाले एवं वर्तमान में माइक्रो फाइनेंस एंड फाइनेंशियल इंक्लूजन, रूरल डेवलपमेंट विभाग, गोंडा में ब्लॉक मिशन मैनेजर श्री जितेन्द्र यादव, वर्ष 2024 में एमबीए एचआर पूर्ण करने वाली एवं भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड में एचआर ऑफिसर के पद पर कार्यरत सुश्री जिज्ञासा मिश्रा, वर्ष 2012 में मानवाधिकार विभाग से अपनी डिग्री पूर्ण करने वाले एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत डॉ. भानु प्रताप, वर्ष 2021 में आहार एवं पोषण विभाग से एम.एस.सी पूर्ण करने वाली एवं वर्तमान में एक सफल महिला उद्यमी के तौर पर कार्य करने वाली सुश्री अनामिका वर्मा एवं फार्मेसी विभाग से वर्ष 2019 में अपना परास्नातक करने वाली एवं साइनोस हेल्थ, गुरुग्राम में सेफ्टी एंड फार्मको विजिटेंस स्पेशलिस्ट सुश्री सारिका धर्मेश उपस्थित रहीं।

इस दौरान विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय से प्राप्त शिक्षा, मार्गदर्शन एवं संस्कारों ने उनके करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने विश्वविद्यालय के साथ भविष्य में भी शैक्षणिक, शोध एवं प्रशिक्षण गतिविधियों में सहयोग करने की इच्छा व्यक्त की।

---------------------------------------------------------------------------------------------------