कंप्यूटर पर ज्यादा देर तक झुककर काम करने से निकल सकता है कूबड़, जानें बचने के तरीके
नई दिल्ली : आज के दौर में मोबाइल का इस्तेमाल और ऑफिस में कंप्यूटर पर काम की टाइमिंग बढ़ गई है. हम दिनभर मोबाइल, कंप्यूटर के सामने सिर झुकाकर काम करते रहते हैं. ये हमारे लिए हानिकारक हो सकता है. लगातार बैठे रहने और गर्दन को झुकाए रखने से स्पाइन से जुड़ी समस्याएं हो सकती है. एक रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई काइरोप्रैक्टर्स एसोसिएशन ने नई रिसर्च में दावा किया है कि अगर हम इसी तरह से इन डिवाइस का अधिक इस्तेमाल करते रहे, तो गर्दन-पीठ में कूबड़ निकल सकता है. साइंटिस्टों ने इसे ‘टेक-नेक’ नाम दिया है. इस स्थिति में रीढ़ की हड्डी को झुकाव का सामना करना पड़ता है.
ऑस्ट्रेलिया के स्पाइन स्पेशलिस्ट्स के अनुसार, जब हम गर्दन आगे 60 डिग्री झुकाते हैं, तो रीढ़ पर 27 किलोग्राम वजन डालते हैं. सिडनी की ट्रुडी यिपो (Trudi Yip) कहती हैं कि रोज 12 घंटे काम करके गर्दन की कूबड़ जैसी स्थिति आ गई थी, सिरदर्द भी रहने लगा था. हफ्ते में 70 घंटे काम करने से बिस्तर पकड़ने की नौबत आ गई थी. स्पाइन स्पेशलिस्ट्स की सलाह पर ट्रुडी ने 8 हफ्ते तक रीढ़-गर्दन की एक्सरसाइज की. ऑफिस में पॉश्चर सुधारा, स्ट्रेच किया, तब जाकर पुराना स्वरूप हासिल कर पाई.
ऑस्ट्रेलिया में वयस्कों पर हुई स्टडी के मुताबिक, 42% वयस्क गर्दन दर्द से पेरशान थे. इतने ही लोग गर्दन अकड़ने की समस्या से जूझ रहे थे. 36% को सिर दर्द और 25% लोग माइग्रेन से परेशान थे. करीब एक तिहाई ऑस्ट्रेलियाई वयस्कों ने कहा कि वे हर घंटे 5-30 बार मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं. 10 में से एक ने माना कि वे ऐसा 40 बार तक करते हैं. स्पेश्लिस्टों ने इन्हें हर 30-60 मिनट में जगह से उठने और घूमने के लिए कहा.
20/20 ब्रेक लें
फोन या कंप्यूटर का इस्तेमाल करते समय हर 20 मिनट में 20 सेकंड का रेस्ट लें. खड़े हो, चलें और स्ट्रेच करें. फोन की स्क्रीन आंखों के लेवल लाएं, ताकि सिर आगे ना झुके, न ही ऊंचा हो. रीढ़ को सीधा रखें ताकि कान-कंधे एक सीध में हों.

सोने का तरीका सुधारें
पेट के बल सोते हैं और गर्दन दर्द होती है तो ऐसे में सीधे या करवट लेकर साएं. पेट के बल सोने से बचने के लिए तकिए सटाकर भी सो सकते हैं.
तीन स्टेप में सुधारें पोश्चर
कनाडा के ऑस्टियोपैथ ब्रानडॉन टालबॉट के अनुसार, पोश्चर ठीक करने के लिए गर्दन की एक्सरसाइज कर सकते हैं. दोनों हाथों की उंगुलियों को इंटरलॉक कर सिर के पीछे रखें. दीवार की तरफ मुंह कर कोहनियों को दीवार से टिकाते हुए ऊपर की तरफ ले जाएं. इससे रीढ़ का पोश्चर सीधा होगा.


