रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग में विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2026 का उत्साहपूर्वक आयोजन

बरेली,26 सितम्बर।कुलपति प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार राय के संरक्षण में महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय (एमजेपीआरयू), बरेली के फार्मेसी विभाग में 25 सितंबर 2026 को विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2026 उत्साह एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता के साथ मनाया गया। इस वर्ष के आयोजन का विषय “Empowering Pharmacists for Healthier Futures” रहा, जिसमें फार्मासिस्टों की बदलती भूमिका तथा स्वास्थ्य सेवाओं में उनके योगदान को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम का समन्वय फार्मेसी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) कमल किशोर एवं डॉ. अमित कुमार वर्मा द्वारा किया गया और कार्यक्रम दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक आयोजित हुआ। कार्यक्रम में डॉ. रवि प्रकाश, जो वर्तमान में Scientist, Agricultural Structure and Environmental Control Division, ICAR-CIPHET, Ludhiana में कार्यरत हैं, तथा डॉ. इंद्रसेन चौहान, वरिष्ठ वैज्ञानिक, आईवीआरआई, बरेली, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों, प्रोफेसरों एवं संकाय सदस्यों के औपचारिक स्वागत से हुआ। यशराज वशिष्ठ एवं आनंद कुमार वर्मा ने मुख्य अतिथियों एवं शिक्षकों का स्वागत किया। इसके पश्चात प्रथम वर्ष की छात्राओं रिया एवं आंचल द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।
कार्यक्रम में स्वागत संबोधन प्रो. (डॉ.) कमल किशोर, विभागाध्यक्ष, फार्मेसी विभाग द्वारा दिया गया। उन्होंने फार्मासिस्टों को स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए विद्यार्थियों को व्यावसायिक ज्ञान, व्यावहारिक कौशल, नैतिक मूल्यों एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
प्रो. (डॉ.) शोभना सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि पूर्व समय में कुछ लोग “फार्मेसी” शब्द को खेती-बाड़ी अथवा कृषि से जोड़कर देखते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि फार्मेसी आज एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के रूप में विकसित हो चुका है, जिसमें औषधि, रोगी देखभाल, अनुसंधान एवं जनस्वास्थ्य महत्वपूर्ण भाग हैं।
डॉ. शिव देव सिंह ने औषधियों के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग, व्यावसायिक नैतिकता, प्रभावी संवाद तथा रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण में फार्मासिस्ट की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला।
इसके बाद विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक रूप से फार्मासिस्ट शपथ ली गई। भाषण, रंगोली एवं पोस्टर प्रतियोगिताओं में प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने भाग लिया, जबकि इन गतिविधियों का आयोजन तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा किया गया।
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मुख्य अतिथि डॉ. इंद्रसेन चौहान, वरिष्ठ वैज्ञानिक, आईवीआरआई, बरेली ने प्रथम वर्ष के बी.फार्म विद्यार्थियों के लिए “व्यक्तित्व विकास” विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं उनके पेशेवर जीवन में आवश्यक गुणों पर विचार साझा किए।
कार्यक्रम के विशेष सत्र में मुख्य अतिथि डॉ. रवि प्रकाश, Scientist, Agricultural Structure and Environmental Control Division, ICAR-CIPHET, Ludhiana, ने Bhagavad-gita और Spiritual Wisdom के माध्यम से मन एवं तनाव को बेहतर ढंग से संभालने के विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक संतुलन, आत्मचिंतन एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के महत्व से अवगत कराया।
इसके अतिरिक्त कृषांगी कृतिका बोरा द्वारा कहानी-वाचन सत्र प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए गए तथा विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसमें दोनों मुख्य अतिथियों, प्रोफेसरों, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इसके पश्चात फार्मासिस्ट दिवस जागरूकता रैली के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
विश्व फार्मासिस्ट दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, व्यावसायिक विकास, व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ने का अवसर बना। कार्यक्रम ने फार्मासिस्टों की स्वास्थ्य सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए “Empowering Pharmacists for Healthier Futures” के संदेश को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

