लखनऊ: 2027 की चुनावी जंग के लिए BJP ने कसी कमर, हर बूथ कार्यकर्ता को 50 परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अभी से अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। दिवाली के बाद पार्टी प्रदेश में व्यापक स्तर पर तीन-स्तरीय चुनावी अभियान शुरू करने की तैयारी में है। नवंबर और दिसंबर में प्रस्तावित इस अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन प्रमुख भूमिका निभाएंगे। पार्टी का मकसद चुनाव से काफी पहले ही संगठन को सक्रिय कर प्रदेश के हर क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करना है।भाजपा ने इस अभियान के लिए क्षेत्रीय, जिला और विधानसभा स्तर पर अलग-अलग जिम्मेदारियां निर्धारित की हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं तक को उनकी भूमिका सौंपने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके जरिए प्रदेशव्यापी चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने की योजना है।
18 मंडलों में जनसभाएं करेंगे प्रधानमंत्री मोदी
चुनावी अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के सभी 18 प्रशासनिक मंडलों में बड़ी जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इन सभाओं के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ केंद्र सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को आम लोगों तक पहुंचाने की रणनीति बनाई गई है।
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संगठन और चुनावी प्रबंधन को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह अलग-अलग क्षेत्रों में रैलियों के साथ जिला स्तर पर बूथ सम्मेलनों को संबोधित करेंगे। इसका उद्देश्य बूथ स्तर तक संगठन की सक्रियता बढ़ाना और चुनावी तैयारियों को धार देना है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन विधानसभा स्तर पर बैठकों और व्यापक प्रचार अभियान का नेतृत्व करेंगे। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिला स्तर पर जनसभाएं करेंगे। पार्टी ने उनके कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों तक पहुंचने का लक्ष्य तय किया है।
20 नवंबर के बाद तेज होगा चुनावी अभियान
भाजपा का यह चुनावी अभियान 20 नवंबर के बाद गति पकड़ने की संभावना है। इसी दौरान पार्टी अपने बूथ स्तर के नेटवर्क को सक्रिय करते हुए सीधे मतदाताओं तक पहुंचने की मुहिम शुरू करेगी।

इस रणनीति के तहत प्रत्येक बूथ कार्यकर्ता और छोटी टीम को कम से कम 50 परिवारों से संपर्क करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संवाद करेंगे और उन्हें सरकार की उपलब्धियों के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। पार्टी का प्रयास है कि संगठन और मतदाताओं के बीच सीधा संपर्क मजबूत किया जाए।
युवा और नए मतदाताओं पर भी रहेगा विशेष जोर
भाजपा ने इस बार नए मतदाताओं और युवाओं को भी अपनी चुनावी रणनीति के केंद्र में रखा है। युवाओं तक पहुंचने के लिए सीधे संवाद और लक्षित संदेशों के जरिए संपर्क बढ़ाने की योजना बनाई गई है। पार्टी चाहती है कि चुनाव से पहले युवा मतदाताओं के बीच अपनी बात प्रभावी तरीके से पहुंचाई जाए।
जमीनी अभियान के साथ डिजिटल मोर्चे पर भी पार्टी सक्रिय रहेगी। रैलियों और जनसभाओं से जुड़ी तस्वीरें, वीडियो और ताजा जानकारियां तत्काल सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर साझा करने के निर्देश स्थानीय कार्यकर्ताओं को दिए गए हैं। इसके जरिए चुनावी गतिविधियों को डिजिटल माध्यमों पर भी व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा की यह रणनीति राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी केंद्रीय नेतृत्व की सक्रियता, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रमों और बूथ स्तर के संगठनात्मक नेटवर्क के सहारे चुनावी जमीन मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है।
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