आंगनवाड़ी कायाकल्प अभियान: लर्निंग लैब के रूप में विकसित होंगे केंद्र। बरेली मंडल के 52 आंगनवाड़ी केंद्रों का किया गया चयन

 

बरेली ,28 सितम्बर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप बच्चों की शिक्षा और उचित पोषण की व्यवस्था के लिए आंगनबाड़ी कायाकल्प अभियान के अन्तर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों की तस्वीर बदलनी शुरू हो गई है। बरेली मंडल में 52 आंगनवाड़ी केंद्रों को मॉडल आंगनवाड़ी कायाकल्प लर्निंग लैब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसको लेकर परिषदीय स्कूलों में केंद्रों का निर्माण चल रहा है। कमिश्नर ने चारों जिलों के निर्माणाधीन आंगनवाड़ी केंद्रों का जायजा लिया। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। 30 सितंबर तक आंगनवाड़ी कायाकल्प अभियान के क्रॉस लर्निंग ऑन साइट प्रशिक्षण की तैयारी शुरू हो जाएगी। कमिश्नर ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों की निगरानी के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग डैशबोर्ड भी बनाया जा रहा है।
कमिश्नर ने बताया कि आंगनवाड़ी कायाकल्प अभियान के तहत बरेली जिले में 15 आंगनवाड़ी केंद्रों का चयन किया गया है। इसमें 11 आंगनवाड़ी केंद्रों को लर्निंग लैब के रूप में विकसित करने के लिए निर्माण शुरू हो गया है। अन्य केंद्रों को जल्द विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। बदायूं में 15 आंगनवाड़ी केंद्रों का चयन कर लर्निंग लैब के रूप में कार्य प्रारंभ किया गया है। पीलीभीत में 07 आंगनवाड़ी केंद्रों का चयन कर लर्निंग लैब बनाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। शाहजहांपुर में 15 आंगनवाड़ी केंद्रों का चयन किया गया है। इसमें 03 आंगनवाड़ी केंद्रों पर लर्निंग लैब बनाई जा रही है। अन्य केंद्रों पर शीघ्र लैब निर्माण करने के निर्देश दिए हैं।
लर्निंग लैब के रूप में विकसित किए जाने वाले आंगनवाड़ी केंद्रों में आंगनवाड़ी कायाकल्प के 18 संकेतकों में जल, स्वच्छता, सफाई और आंगनबाड़ी केंद्र की बुनियादी सुविधाओं का नवीनीकरण और कायाकल्प किया जा रहा है। इससे बच्चों की शिक्षा और उनके पोषण की और बेहतर व्यवस्था होगी। सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर ओवरहेड टैंक के साथ नल जल की व्यवस्था, शौचालय, महिला शौचालय, वजन दिवस, अन्नप्राशन दिवस, गोद भराई सुपोषण दिवस, स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस मनाया जाएगा। आंगनवाड़ी केंद्रों पर आने वाली महिला लाभार्थियों तथा बच्चों की माता के लिए क्रियाशील बाल शौचालय, फर्श पर टायल लगवाए जा रहे हैं। दिव्यांग शौचालय की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा ग्रीन बोर्ड, ब्लैक बोर्ड भवन में रंगाई, पुताई बाल चित्रकार, दिव्यांग, लाभार्थियों के लिए रेलिंग युक्त, बिजली व्यवस्था, फर्नीचर गेट के साथ बाउंड्री वॉल रसोई घर में सिंक के साथ नल जल की व्यवस्था की जा रही है।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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