किसी दूसरे को बाइक-स्कूटर देने से पहले जान लें ये नियम, 25,000 का लगेगा जुर्माना

नई दिल्ली. हमारे देश में बड़ी संख्या में दोपहिया और चार पहिया वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है. कई बार दोस्त या परिवार के लोग हमसे बाइक या स्कूटर मांग लेते हैं और हम बिना कोई सवाल पूछे उन्हें अपना वाहन दे भी देते हैं. हालांकि अगर आपको एक ट्रैफिक रूल के बारे में नहीं पता तो आपको 25 हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है. दरअसल, अगर आपने जिसे अपना वाहन दिया है वह नाबालिग है तो आपको इस नियम के बारे में जरूर पता होना चाहिए. इसमें आपको जेल तक जाना पड़ सकता है.

भारतीय यातायात नियमों के अनुसार, भारत में वैध ड्राइविंग लाइसेंस की आयु 18 वर्ष है. नियम के अनुसार, यदि कोई कम उम्र का व्यक्ति देश में सड़कों पर वाहन चलाते हुए पाया जाता है, तो उसके माता-पिता या अभिभावक को 3 साल तक की जेल और ₹25000 के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है. साथ ही, जो ड्राइवर वाहन चला रहा था, उसे 25 साल की उम्र तक ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिल पाएगा.

चालान मिलने के 15 दिन के भीतर इसमें वाहन मालिक-चालक को जुर्माना जमा करना होगा. ऐसा न करने पर जिला एवं सत्र न्यायालय में चालान प्रस्तुत कर वसूली की कार्रवाई की जाएगी. इसलिए यह आपकी ज़िम्मेदारी है कि वाहन चलाने के लिए कानूनी उम्र तक पहुंचने के बाद ही बच्चे को ड्राइविंग की अनुमति मिले.

नियमों के अनुसार 16 साल से कम उम्र के बच्चों को किसी भी तरह की गाड़ी चलाने की अनुमति नहीं है. हालांकि, 16 से 18 साल तक के नाबालिग सिर्फ बिना गियर वाले वाहन चला सकते हैं.

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