गुजरात में जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत, 30 लड़ रहे जिंदगी की जंग

अहमदाबाद। गुजरात में बोटाद जिले के रोजिद गांव में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। राज्य में शराबबंदी होने के बावजूद इस त्रासदी में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है और 30 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं दूसरी ओर भूपेन्द्र पटेल सरकार लगातार नजर बनाए हुए है। सोमवार को सीएम पटेल ने एक हाई लेवल मीटिंग की और अफसरों को आगे की कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। गुजरात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार रात बताया कि कुछ मरीजों की हालत गंभीर है। मामले में पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में लिया है। गुजरात आतंकवाद रोधी दस्ता (एटीएस) और अहमदाबाद अपराध शाखा भी जांच में शामिल हो गयी हैं।

कुछ की हालत अब भी नाजुक
पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अभी 30 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है, ज्यादातर लोग भावनगर में सर तख्तसिंहजी अस्पताल में भर्ती हैं। उनमें से कुछ की हालत नाजुक है। पुलिस ने बताया कि इस सिलसिले में दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया गया है और कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

तस्कर से खरीदी गई थी शराब!
इससे पहले, इलाज करा रहे एक पीड़ित की पत्नी ने बताया कि रविवार रात रोजिद गांव में शराब पीने के कुछ घंटे बाद ही उसके पति की हालत बिगड़ने लगी। वहीं, एक अन्य पीड़ित हिम्मतभाई, जो अब स्वस्थ हो रहा है, ने दावा किया कि रविवार की रात एक तस्कर से खरीदी गई शराब का सेवन करने के बाद ये लोग बीमार पड़ गए। पुलिस महानिरीक्षक (भावनगर रेंज), अशोक कुमार यादव ने शाम को बोटाद सिविल अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि घटना की जांच करने के लिए पुलिस उपाधीक्षक पद के अधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाएगा।

सीएम पटेल ने की हाई लेवल मीटिंग
इस बीच, जैसे ही त्रासदी की खबर गांधीनगर पहुंची, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, फोरेंसिक विशेषज्ञों और स्वास्थ्य अधिकारियों को बोटाद जाकर हालात का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं।

केजरीवाल ने बोला हमला
इस बीच, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को गुजरात में जहरीली शराब त्रासदी को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया और आरोप लगाया कि राज्य में जो लोग शराब बेच रहे हैं, उन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। राज्य में शराब की बिक्री पर पाबंदी है। केजरीवाल ने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि गुजरात में मद्यनिषेध के बाद भी भारी मात्रा में अवैध शराब बेची जाती है। ये कौन लोग हैं जो शराब बेचते हैं? उन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। (शराब की बिक्री से जो) पैसे आते हैं, वे कहां जाते हैं। इसकी जांच की जरूरत है।’

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