चर्चिल से लेकर लिज ट्रस तक, क्वीन एलिजाबेथ ने 15 प्रधानमंत्रियों के साथ किया काम, सिर्फ 25 साल की उम्र में संभाली थी सत्ता

लंदन। ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का गुरुवार देर रात, स्कॉटलैंड के बाल्मोरल महल में 96 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। परम्परा के अनुरूप उनके सबसे बड़े बेटे चार्ल्स (73) जो अब तक प्रिंस थे, अब किंग बन गए हैं। प्रिंस चार्ल्स ने कहा कि 96 वर्षीय महारानी सबकी प्रिय थीं और एक बहुत प्यारी मां थीं, जिन्हें दुनिया भर में याद किया जाएगा।

एलिजाबेथ द्वितीय सबसे लंबे समय तक ब्रिटेन की महारानी रहीं। उन्होंने 70 वर्षों तक शासन किया। 21 अप्रैल 1926 में जन्मीं एलिजाबेथ द्वितीय ने अपने पिता किंग जॉर्ज की मौत के बाद 6 फरवरी, 1952 को ब्रिटेन का शासन संभाला। तब उनकी उम्र सिर्फ 25 साल थी। महारानी एलिजाबेथ के 70 वर्षों के शासनकाल में ब्रिटेन में 15 प्रधानमंत्रियों ने अपनी सेवाएं दीं।

इनमें कई पीएम तो ऐसे रहे, जो महारानी के कार्यकाल के दौरान ही जन्मे थे। टोनी ब्लेयर उनमें से एक थे। उनके पहले प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल का जन्म 1874 में हुआ था और अंतिम प्रधानमंत्री लिज ट्रस का जन्म 1975 में उन्होंने 2 दिन पहले ‌‌ब्रिटेन की 15वीं पीएम लिज ट्रस को शपथ दिलाई थी।

जब 1952 में किंग जार्ज का निधन हुआ और एलिजाबेथ की ताजपोशी होनी थी, तो तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल ने कहा था कि वह अभी एक बच्ची हैं। क्योंकि उस समय एलिजाबेथ की उम्र महज 25 वर्ष थी। हालांकि, बाद में चर्चिल ने महारानी की तारीफों के पुल भी बांधे।

1952 में जब एलिजाबेथ द्वितीय के पिता का निधन हुआ तो चर्चिल ने शुरुआत में शिकायत की कि वह ‘केवल एक बच्ची’ थीं। हालांकि, कुछ ही दिनों में चर्चिल ने उनकी तारीफों के पुल बांधने शुरू कर दिए। अपने एक संबोधन में चर्चिल ने कहा था, दुनियाभर के फिल्मी लोग, अगर आपने विश्व का कोना-कोना खंगाला होता तो भी आपको इस भूमिका के लिए इतना उपयुक्त व्यक्ति नहीं मिलता।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंथोनी ईडन 1955 से 1957 के बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे, उन्होंने 1956 के स्वेज नहर संकट के तुरंत बाद इस्तीफा दे दिया था।

महारानी के कार्यकाल में हैरल्ड मैक्मिलन 1957 से लेकर 1963 तक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे, मैकमिलन ने एक बार कहा था कि एलिजाबेथ का अर्थ है ‘रानी बनना, न कि कठपुतली’ और उनके पास ‘एक पुरुष सरीखा हृदय और पेट’ है। एलेक डगलस 1963 से 1964 केबीच ब्रिटिश पीएम रहे. डगलस एलिजाबेथ द्वितीय की मां के पारिवारिक मित्र थे। उन्होंने एक वर्ष से कम समय के लिए प्रधानमंत्री पद पर अपनी सेवाएं दीं।

हैरल्ड विल्सन 1964 से 1970 के बीच प्रधानमंत्री रहे. एलिजाबेथ द्वितीय के शासन में पहले लेबर प्रधानमंत्री थे, उनके महारानी से काफी अच्छे रिश्ते थे। वह महारानी की कार्यशैली और उनके निर्णय लेने की क्षमता के बहुत प्रशंसक थे.
1970 से 1974 के बीच प्रधानमंत्री बनने वाले एडवर्ड हीथ ब्रिटेन को ‘यूरोपियन इकोनॉमिक कम्युनिटी’ में ले जाने वाले कंजर्वेटिव नेता थे, यह संगठन यूरोपीय संघ का पूर्ववर्ती था।

जेम्स कैलेघन 1976 से 1979 के बीच ब्रिटेन के पीएम रहे। इनका कार्यकाल आर्थिक मंदी और श्रमिक संगठनों के साथ तनातनी से घिरा रहा। मारग्रेट थैचर (1979 से 1990 के बीच ब्रिटेन की प्रधानमंत्री रहीं। वह एलिजाबेथ द्वितीय के शासनकाल में सबसे लंबे समय तक कार्य करने वाली प्रधानमंत्री।

हालांकि, दोनों के रिश्ते बहुत तल्ख बताए जाते थे। जॉन मेजर ने 1990 से लेकर 1997 के बीच ब्रिटेन की सक्ता संभाली। उनके महारानी से निकट रिश्ते थे। मेजर अक्सर महारानी की प्रशंसा करते हुए कहते थे कि आप उनसे अपनी किसी भी समस्या पर बात कर सकते हैं। यहां तक कि ऐसे विचार भी, जिन्हें आप शायद अपने मंत्रिमंडल के साथ साझा नहीं करना चाहते हैं।

टोनी ब्लेयर 1997 ने 2007 के बीच प्रधानमंत्री के रूप में ब्रिटेन को अपनी सेवाएं दीं। ब्लेयर महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के शासनकाल में पैदा होने वाले पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री थे। महारानी ने एक बार इसका जिक्र करते हुए ब्लेयर से कहा था आप मेरे 10वें प्रधानमंत्री हैं। पहले विंस्टन थे। यह आपके पैदा होने से पहले की बात है। गॉर्डन ब्राउन 2007 से लेकर 2010 के बीच ब्रिटेन के प्रधानमत्री बने। सन 2010 के चुनाव में लेबर पार्टी के शर्मनाक प्रदर्शन से उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल का अंत हो गया।

डेविड कैमरून 2010 से 2016 के बीच एलिजाबेथ द्वितीय के शासनकाल में प्रधानमंत्री पद पर सेवाएं देने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति थे। उन्होंने महारानी के बेटे प्रिंस एडवर्ड के साथ हीथरडाउन स्कूल में पढ़ाई की थी। थेरेसा मे 2016 से 2019 के बीचज ब्रिटेन की प्रधानमंत्री बनीं। वह ब्रिटेन की दूसरी महिला प्रधानमंत्री थीं। उनके कार्यकाल पर ‘ब्रेग्जिट’ (ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने के लिए किए गए समझौते) का साया रहा।

इसके बाद बोरिस जॉनसन 2019 से जुलाई 2022 के बीच प्रधानमंत्री बने। कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन का उल्लंघन कर पार्टी करने के आरोपों से घिरे, उन्होंने पार्टी में समर्थन घटने के बाद इस्तीफा दिया।
इसके बाद सितंबर 2022 में कंजरवेटिव पार्टी की नेता के रूप में चुने जाने के बाद लिज ट्रस प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त हुईं। उन्हें दो दिन पहले ही महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया था।

महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने अपने जीवनकाल में 90 देशों की यात्रा की। उन्होंने भारत, रूस, दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के साथ ब्रिटेन के संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। 1951 में एलिजाबेथ ने अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी एस ट्रूमैन से मुलाकात की थी, तब वह राजकुमारी थीं। 1957 में क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय ने अमेरिका का आधिकारिक दौरा किया, इस दौरान वह तत्कालीन राष्ट्रपति ड्वाइट डी आइजनहावर से मिली थीं।

ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने कभी इंटरव्यू नहीं दिया। वह हर साल क्रिसमस के दिन देश की जनता के नाम अपना संबोधन देती थीं। यह ब्रिटिश हॉलिडे ट्रेडिशन था। क्वीन एलिजाबेथ ने 1957 में पहली बार टीवी के माध्यम से लोगों को संबोधित किया था।

साल 2007 में महारानी एलिजाबेथ II के पहले टीवी संबोधन के 50 साल पूरे हुए थे। इस दौरान उन्होंने एक स्पीच रिकॉर्ड की थी, जिसमें कहा था- उम्र के बढ़ने की एक खासियत यह है कि आप अपने आस-पास हो रहे बदलाव को देखते हैं और महसूस करते हैं।

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