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दोस्ती की मिसाल! बस्ती के 5 बचपन के दोस्तों ने एक साथ पास की UP पुलिस की परीक्षा, किसी ने पढ़ाया तो किसी ने कोचिंग से उठाया खर्च

बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के दुबौलिया ब्लॉक के नांदेकुआं गांव के पांच बचपन के दोस्तों ने उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही पद पर चयनित होकर कामयाबी की नई कहानी लिखी है। अंकेश सत्यम दुबे, आदर्श द्विवेदी, दीपक दुबे, आदित्यनाथ दुबे और रोहित प्रजापति की सफलता से गांव में खुशी का माहौल है। पांचों ने अलग-अलग विद्यालयों से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी पाने की तैयारी शुरू की थी। उनकी इस उपलब्धि को मेहनत, अनुशासन और आपसी सहयोग की मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।

बचपन की दोस्ती ने लक्ष्य तक पहुंचने में की मदद

पुलिस में चयनित हुए पांचों युवक बचपन से एक-दूसरे को जानते हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सरकारी नौकरी हासिल करने का लक्ष्य बनाया और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गए। तैयारी के दौरान सभी ने एक-दूसरे का साथ दिया और पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं को मिलकर हल करने की कोशिश की।

निजी स्कूल में पढ़ाकर तैयारी करते थे अंकेश

अंकेश सत्यम दुबे गांव के पास स्थित एक निजी विद्यालय में शिक्षक के रूप में काम करते थे। वह नौकरी से मिलने वाले वेतन से अपनी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी का खर्च उठाते थे। काम की जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने सरकारी नौकरी का लक्ष्य नहीं छोड़ा और दोस्तों के साथ तैयारी जारी रखी।

आदर्श ने बच्चों को कोचिंग पढ़ाकर जुटाया खर्च

आदर्श द्विवेदी घर पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते थे। पढ़ाई के खर्च में मदद के लिए वह शाम के समय बच्चों को कोचिंग पढ़ाते थे। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने मेहनत जारी रखी और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे।

शाम को साथ बैठकर पढ़ते थे पांचों दोस्त

रोहित प्रजापति के मुताबिक, सभी दोस्त शाम को एक साथ बैठकर पढ़ाई करते थे। इस दौरान वे एक-दूसरे की मदद करते और तैयारी से जुड़ी जानकारियां साझा करते थे। आपसी सहयोग और नियमित मेहनत ने उन्हें परीक्षा की तैयारी में सहारा दिया।

पहले भी सरकारी पदों पर चयनित हो चुके हैं कुछ दोस्त

रिपोर्ट के अनुसार, चयनित युवकों में कुछ को इससे पहले भी अन्य सरकारी पदों पर सफलता मिल चुकी है। आदित्यनाथ दुबे का चयन कर्मचारी चयन आयोग की एसएससी जीडी परीक्षा के माध्यम से भी हुआ था। वहीं, दोस्तों में कुछ का दिल्ली पुलिस में भी चयन हुआ था।

नांदेकुआं गांव के इन पांच दोस्तों की सफलता ने परिवारों और ग्रामीणों को खुशी का अवसर दिया है। उनकी कहानी बताती है कि जिम्मेदारियों और सीमित संसाधनों के बीच भी निरंतर मेहनत और एक-दूसरे के सहयोग से बड़े लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

 

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