Featured NewsTop Newsदेशराज्य

पीएम मोदी की मां हीराबेन ने आज अपने जीवन के 100 साल किए पूरे, जन्मदिन मनाने गांधीनगर पहुंचे प्रधानमंत्री

गांधीनगर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन मोदी आज शनिवार को 100वें साल में प्रवेश कर गई हैं. प्यार से उन्हें लोग हीराबा कहते हैं. हीराबा अपने छोटे बेट पंकज मोदी के साथ गांधीनगर में रहती हैं. शनिवार की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी मां का जन्मदिन मनाने के लिए गांधीनगर स्थित अपने आवास पर पहुंचे. वहां पहुंचकर उन्होंने मां का चरण पखारकर आशीर्वाद लिया. प्रधानमंत्री मोदी गुजरात की आज दो दिवसीय दौरा भी शुरू हो रहा है. मां का जन्मदिन मनाने और दो दिवसीय दौरा शुरू करने के लिए शुक्रवार की देर रात को ही अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंच गए थे. राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेश पटेल ने उनका स्वागत किया.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हीराबेन दामोदर दास मोदी का जन्म 18 जून 1923 में हुआ था. नरेंद्र मोदी के पिता का नाम स्‍व. दामोदर दास मूलचंद मोदी है और उनका गृह नगर गुजरात के मेहसाणा जिले में वडनगर है. हीराबेन मोदी को प्यार से हीराबा भी कहते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा हीराबा के पांच पुत्र हैं. इन पांच पुत्रों में सबसे बड़े सोमा मोदी हैं. उनके बाद दूसरे बेटे अमृत मोदी, तीसरे बेटे नरेंद्र मोदी, चौथे बेटे प्रह्लाद मोदी और सबसे छोटे एवं पांचवें बेटे पंकज मोदी है. इसके अलावा, हीराबेन की एक बेटी भी हैं, जिनका नाम वासंतीबेन हसमुखलाल मोदी है. प्रधानमंत्री मोदी की मां हीराबा अपने सबसे छोटे बेटे पंकज मोदी के साथ ही गुजरात गांधीनगर स्थित अपने आवास में रहती हैं.

हीराबेन मोदी के बड़े बेटे सोमा मोदी गुजरात में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत थे, अब रिटायर हो चुके हैं. उनके दूसरे बेटे का नाम अमृत मोदी मशीन ऑपरेटर का काम करते थे. तीसरे बेटे नरेंद्र मोदी हैं, भारत के प्रधानमंत्री हैं. चौथे बेटे प्रह्लाद मोदी एक दुकान चलाते हैं और हीराबेन के सबसे छोटे बेटे का नाम पंकज मोदी गुजरात सरकार के सूचना विभाग में क्‍लर्क के पद पर कार्यरत थे. इसके अलावा, हीराबेन की एक बेटी भी हैं, जिनका नाम वासंतीबेन हसमुखलाल मोदी है.

आज प्रधानमंत्री मोदी की मां हीराबेन मोदी का जन्मदिन है और आज ही पीएम मोदी गुजरात के पंचमहल स्थित प्रसिद्ध महाकाली मंदिर के शिखर पर करीब 500 साल बाद पताका फहराएंगे. मंदिर के न्यासी अशोक पांड्या ने बताया कि मंदिर के शिखर को करीब 500 साल पहले सुल्तान महमूद बेगड़ा ने नष्ट कर दिया था. हालांकि, पावागढ़ पहाड़ी पर 11वीं सदी में बने इस मंदिर के शिखर को पुनर्विकास योजना के तहत पुनर्स्थापित कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुनर्विकसित महाकाली मंदिर का उद्घाटन करेंगे.

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... -------------------------
E-Paper